रांची(RANCHI): मानसिक विक्षिप्त लड़के शाहरुख की हिंसक सनक की ग्रास बनी अंकिता सिंह के परिवार को सरकार दस लाख मुआवजा देगी. वहीं पूरे मामले की जांच फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी. इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट पोस्ट में जानकारी दी है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है, अंकिता बिटिया को भावभीनी श्रद्धांजलि. अंकिता के परिजनों को रु 10 लाख की सहायता राशि के साथ इस घृणित घटना का फ़ास्ट ट्रैक से निष्पादन हेतु निर्देश दिया है. पुलिस महानिदेशक को भी उक्त मामले में एडीजी रैंक अधिकारी द्वारा अनुसंधान की प्रगति पर शीघ्र रिपोर्ट देने हेतु निर्देश दिया है.
बता दे कि. 23 अगस्त को सनकी शाहरुख ने सोए हुए अवस्था में खिड़की से पेट्रोल डालकर बारहवीं की छात्रा अंकिता सिंह को आग लगा दी थी. इससे अंकिता सिंह लगभग 90% जल गई थी. पहले दुमका मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. उसके बाद उसे रिम्स लाया गया जहां उसकी शनिवार देर रात मौत हो गई.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने डीजीपी नीरज सिन्हा से पूरे मामले पर बात की और शाहरुख के साथ एक अन्य लड़के छोटू को पकड़कर जल्द से जल्द सजा दिलाने का प्रयास करने का निर्देश दिया है. वैसे दुमका पुलिस ने शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की गिरफ्त में शाहरुख पूरे हेकड़ी में दिखा. अंकिता सिंह की मौत से दुमका समेत कई शहरों में हिंदूवादी संगठनों ने प्रदर्शन किया है. दुमका में निषेधाज्ञा लगा दी गई थी. उसके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए भाजपा ने हेमंत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस सरकार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं.

