देवघर (DEOGHAR): देवघर के जसीडीह और बदलाडीह गांव के आदिवासी परिवारों ने अपना कृषि योग्य ज़मीन इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड को तो दे दिया, लेकिन 2018 से अब तक इन आदिवासियों का iocl में नियोजन नहीं हुआ. अपने नियोजन की मांग के समर्थन में इन लोगों ने आंदोलन शुरू किया है. 2019 में त्रिपक्षीय वार्ता iocl प्रबंधन, जिला प्रशासन और विस्थापितों के हुई. बैठक में 39 आदिवासी विस्थापितों को सूचीबद्ध कर iocl में नियोजन देने का निर्णय लिया गया था. लेकिन iocl की उदासीनता के कारण इनलोगों का नियोजन आज तक नहीं किया गया. हालात ऐसा है कि इन विस्थापितों की आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है. अपनी मांग को फिर से बुलंद करने को लेकर आज iocl टर्मिनल के मुख्य गेट के पास विस्थापितों ने धरना प्रदर्शन किया. जसीडीह औद्योगिक क्षेत्र विस्थापित संघ के बैनर तले सभी 39 आदिवासी विस्थापित द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया.
पेट्रोलियम मंत्री भारत सरकार के नाम जारी किया पत्र
संघ ने अपनी मांग के समर्थन में पेट्रोलियम मंत्री भारत सरकार के नाम एक आवेदन iocl के उप महाप्रबंधक को सौंपा. विस्थापित संघ के संयोजक सरोज कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार आदिवासियों और दलितों के साथ लेकर चलने की बात कहती है, लेकिन जसीडीह के इन आदिवासियों का साथ नहीं दें रही. इन्होंने कहा कि अविलंब 39 आदिवासियों का नियोजन iocl के तरफ से नहीं किया गया तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा.
रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर
