जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया में स्थित एरोड्रम को एयरपोर्ट बनाने की संभावना तेज हो गई है. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान निर्मित यह एयरपोर्ट लंबे समय से निष्क्रिय पड़ा है. शनिवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (एएआई) की एक उच्चस्तरीय टीम ने चाकुलिया एरोड्रम का निरीक्षण किया. डीजीएम (एटीएम) अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंची पांच सदस्यीय टीम ने एरोड्रम के विभिन्न पहलुओं की गहन जांच की. टीम के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे. टीम ने रनवे सहित पूरे क्षेत्र का दौरा किया. निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों, मौजूदा संरचना की स्थिति और भूमि के उपयोग की वर्तमान स्थिति का अध्ययन किया गया. नक्शों के आधार पर जमीन का मिलान किया गया. एरोड्रम का उसका वर्तमान स्वरूप क्या है भी देखा.
अधिकारियों के साथ टीम ने की बैठक
निरीक्षण के बाद एएआई की टीम चाकुलिया अंचल कार्यालय पहुंची. जहां अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी पहलुओं पर चर्चा की गई. जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार वर्ष 2036 तक देश में 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने की योजना पर काम कर रही है. इसी योजना के तहत पुराने और बंद पड़े एरोड्रमों का सर्वे कर उन्हें विकसित करने की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं.
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट निर्माण शुरू नहीं हुआ
जानकारी हो कि पूर्वी सिंहभूम जिला समेत पूरे कोल्हान में एक भी एयरपोर्ट नहीं है.धालभूमगढ़ में प्रस्तावित एयरपोर्ट का निर्माण भी अबतक शुरू नहीं हुआ है. परियोजना का शिलान्यास करीब सात वर्ष पहले हो चुका है. लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है. वन भूमि, हाथियों के आवागमन मार्ग (एलिफेंट कॉरिडोर) और आदिवासी धार्मिक स्थलों जैसी बाधाओं के कारण यह परियोजना लगातार विलंब का शिकार रही है. ऐसे में चाकुलिया एरोड्रम को एक वैकल्पिक विकल्प के रूप में भी देखा जा रहा है.