चाईबासा (CHAIBASA): पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र स्थित रूटुगुटू जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ फिलहाल रुकी हुई है. लेकिन इलाके में तनाव बरकरार है. सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे कोल्हान जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है. जवान लगातार जंगलों में कॉम्बिंग अभियान चला रहे हैं और नक्सलियों के संभावित ठिकानों की तलाश की जा रही है. बुधवार को रूटुगुटू के घने जंगलों में सुरक्षाबलों की टीम सर्च ऑपरेशन पर निकली थी. इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जिसके बाद जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की. दोनों ओर से रुक-रुक कर देर शाम तक गोलीबारी होती रही. मुठभेड़ के बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले. इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली थी. जवानों ने कुख्यात नक्सली ईस्माइल पूर्ति को मार गिराया था.
टुकड़ों में बंटे नक्सली
सुरक्षाबलों के लगातार बढ़ते दबाव के कारण कुख्यात नक्सली मिसिर बेसरा का नेटवर्क कमजोर पड़ता नजर आ रहा है. लगातार सर्च ऑपरेशन और घेराबंदी के चलते उसका दस्ता अब तीन अलग-अलग गुटों में बंटकर सक्रिय है, ताकि सुरक्षा बलों की कार्रवाई से बचा जा सके. पहला गुट खुद मिसिर बेसरा के नेतृत्व में संचालित हो रहा है. इस दस्ते में करीब 20 से 30 हथियारबंद नक्सली शामिल बताए जा रहे हैं. मिसिर के साथ एक करोड़ रुपये का इनामी असीम मंडल और 25 लाख रुपये का इनामी नक्सली सचिन भी मौजूद है. दूसरा गुट सागेन अंगारिया के नेतृत्व में चल रहा है. इसी दस्ते में बुधवार को ही में मुठभेड़ में मारा गया नक्सली ईस्माइल पूर्ति शामिल था. इसके अलावा कई अन्य सक्रिय नक्सली भी इस टीम का हिस्सा हैं. तीसरा गुट अजय महतो के नेतृत्व में काम कर रहा है. इस दस्ते में छत्तीसगढ़ से आए कई सक्रिय नक्सली शामिल हैं. छत्तीसगढ़ का कुख्यात नक्सली अश्विन भी इसी गुट के साथ बताया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार तीनों गुट फिलहाल अलग-अलग इलाकों में मूवमेंट कर रहे हैं, जिससे सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बढ़ी है, हालांकि लगातार अभियान जारी है.