रांची: झारखंड में प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों को लाइसेंस देने और उसका रिन्यूअल करने में हो रही देरी को लेकर केंद्र सरकार ने नाराजगी जताई है. इस मामले को गंभीर मानते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने झारखंड सरकार को पत्र भेजा है. इसके बाद राज्य के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को निर्देश जारी करते हुए 29 मई को समीक्षा बैठक बुलायी है.
जानकारी के मुताबिक प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों के लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रिया तय समय के भीतर पूरी नहीं हो रही है. नियम के अनुसार नया लाइसेंस 60 दिनों के अंदर जारी होना चाहिए, जबकि लाइसेंस रिन्यूअल का काम 30 दिनों में पूरा होना जरूरी है. लेकिन झारखंड में कई आवेदन लंबे समय से लंबित पड़े हैं.
विभागीय आंकड़ों के अनुसार नए लाइसेंस के 62 आवेदन 60 दिनों से ज्यादा समय से अटके हुए हैं. वहीं रिन्यूअल के 8 आवेदन भी तय समय सीमा से ज्यादा दिनों से लंबित हैं. इसी को लेकर केंद्र सरकार ने चिंता जताई है.
देरी की सबसे बड़ी वजह पुलिस वेरिफिकेशन और एनओसी मिलने में समय लगना बताया जा रहा है. कई बार आवेदकों का बार-बार चरित्र सत्यापन भी किया जाता है, जिससे प्रक्रिया और लंबी हो जाती है. इसके अलावा दस्तावेजों की छोटी-छोटी जांच के कारण भी फाइलें अटक जाती हैं.
अब राज्य सरकार इस पूरी प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने की तैयारी में जुट गई है, ताकि लोगों को समय पर लाइसेंस मिल सके.