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कैश कांड मामला : हाई कोर्ट में हुई सुनवाई, अदालत ने फैसला रखा सुरक्षित, जानिए किस मुद्दे को लेकर दायर हुई थी याचिका

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 5:05:18 PM

रांची (RANCHI) :  पश्चिम बंगाल में 48 लाख कैश के साथ पकड़े गए तीन विधायक मामले में शुक्रवार को हाई कोर्ट में विस्तृत बहस हुई. अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. बता दें कि तीनों विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सल कोंगाड़ी ने जीरो एफआईआर को कोलकाता स्थानांतरित किए जाने को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी.  न्यायाधीश एस चंद्रशेखर की अदालत में मामले को लेकर सुनवाई हुई. 

तीनों विधायकों से ईडी कर चुकी है पूछताछ

बता दें कि थाना प्रभारी से पूछताछ के पहले ईडी ने कैश कांड में आरोपी कांग्रेस के तीनों विधायकों इरफान अंसारी, राजेश कच्छप, नमन विक्सल कोंगाड़ी से बारी-बारी से पूछताछ की. इससे पहले बेरमो विधायक से भी ईडी ने पूछताछ की थी.   

बेरमो विधायक से सबसे पहले हुई पूछताछ

दरअसल, विधायक खरीद-फरोख्त मामले में 24 दिसंबर को बेरमो विधायक अनूप जयमंगल सिंह से ईडी ने लगभग 10 घंटे पूछताछ की थी. बता दें कि इस पूछताछ के बाद अनूप सिंह ने मीडिया से बात की थी. इस दौरान उन्होंने कहा कि ईडी ने उनसे कैश कांड मामले में सवाल  किया, जिसका उन्होंने जवाब दिया. इसके बाद अनूप सिंह ने कहा था कि ईडी अब इस मामले के तीनों अन्य विधायकों को दफ्तर बुलायेगी. ईडी ने उनसे पूछा कि झारखंड में सरकार गिराने के लिए उन्हें और किसने 10 करोड़ रुपये का ऑफर दिया. उनसे पूछा गया था कि क्या यह पेशकश फोन पर की गई थी या शारीरिक रूप से और क्या उन्हें कोई टोकन राशि दी गई थी. उनसे कहा गया है कि अगर उनके पास कुछ भी साक्ष्य उपलब्ध हो तो वो साझा करें. ईडी ने बंगाल पुलिस के सामने उनके द्वारा दिए गए बयान को लेकर भी उनसे क्रॉस किया. एजेंसी ने पूछताछ की कि क्या पार्टी तोड़ने की उनके सामने रखा गया था ? क्या उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सूचित किया था या नहीं? और क्या कार्रवाई की गई थी ? इस संदर्भ में ईडी ने उनसे पूछा कि क्या पूर्व में भी पार्टी तोड़ने या सरकार गिरने के उद्देश्य से उनसे संपर्क किया गया था. रांची के कोतवाली थाने में जुलाई 2020 में प्राथमिकी दर्ज कराने पर भी उन्हें इसी तरह का एक मामला दर्ज कराया गया था उनसे पूछा गया कि क्या कोतवाली कांड और ताजा मामला आपस में जुड़ा हुआ है ? सूत्रों के मुताबिक उन्हें आगे भी ED तलब किया जा सकता है लेकिन उससे पहले कैश कांड के आरोपी विधायक इरफान अंसारी , राजेश कच्छप और विलसन कांगड़ी को सरकार गिराने और 48 लाख रुपये बरामदगी को लेकर उन्हें ED तलब कर सकती है.

क्या है कैश कांड मामला?

बता दें कि बंगाल पुलिस ने कांग्रेस के तीन विधायकों इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन बिक्सेल कोंगारी को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से 48 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई थी. हालांकि, उन्होंने उनसे संबंधित नकदी को स्वीकार कर लिया. लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि यह उनका वैध पैसा था जिसे वे लोगों के बीच बांटने के लिए 'साड़ियां' खरीदने के लिए ले जा रहे थे. तीनों विधायकों को 30 जुलाई को हिरासत में लिया गया था. इन तीनों विधायकों की गिरफ़्तारी के एक दिन बाद बेरमो विधानसभा सीट से विधायक जयमंगल सिंह ने अरगोड़ा थाने में जीरो एफआईआर दर्ज करायी.

अनूप सिंह ने कराया था जीरो एफआईआर

बता दें कि इस मामले में विधायक अनूप सिंह ने रांची के अरगोड़ा थाने में तीनों विधायक के खिलाफ जीरो एफआईआर कराया था. जिसमें कहा गया था कि तीनों विधायक ने सरकार को अस्थिर करने के लिए 10 करोड़ का ऑफर और मंत्री पर का लालच दिया गया था. बता दें कि अनूप सिंह इससे पहले भी साल 2020 में एक एफआईआर करा चुके हैं. उस दौरान भी उन्होंने कहा था कि सरकार गिराने के लिए उन्हें ऑफर दिया गया था.   

रिपोर्ट : समीर हुसैन, रांची

 

 

 

Tags:Cash scam caseHigh Courtthree MLAJHARKHAND LATEST NEWSTHE NEWS POST

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