धनबाद(DHANBAD): उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जैसा ही एक मामला झारखंड के साहिबगंज से भी सामने आया है. साहिबगंज के एक व्यक्ति ने दावा किया है कि उसने अपनी पत्नी को पढ़ा- लिखा कर नर्स बनाया लेकिन अब वह साथ रहने से इंकार कर रही है. कन्हाई पंडित ने दावा किया है कि पढ़ाई लिखाई में मजदूरी कर पैसे खर्च किए और जब नौकरी लगी तो साथ रहने से इंकार कर कहीं चली गई है. उसका आरोप है कि 14 अप्रैल 2023 से ही पत्नी कहीं चली गई है. पत्नी के साथ 10 साल का बेटा भी है. दावा करने वाले व्यक्ति ने प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन देकर न्याय मांगा है. कहा है कि उसने पत्नी को पढ़ाने के लिए ट्रैक्टर चलाया, मजदूरी की लेकिन जब नर्स बन गई तो वह साथ रहने से से इंकार कर रही है.
साहिबगंज के बोरियो प्रखंड का है मामला
साहिबगंज के बोरियो प्रखंड से यह मामला सामने आया है. कन्हाई पंडित की शादी 2009 में हुई थी. दावे के मुताबिक उसकी पत्नी कल्पना कुमारी शादी के बाद आगे पढ़ने की इच्छा जाहिर की. कन्हाई पंडित का कहना है कि उसने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए पत्नी की पढ़ाई जारी रखने से मना किया. लेकिन पत्नी की जिद के आगे मान गया. पत्नी की पढ़ाई के लिए बोरियों में ही घर बनवाया और वही पत्नी का दाखिला शिबू सोरेन जनजातीय महाविद्यालय में करा दिया. यहां कल्पना ने 5 साल तक पढ़ाई की और फिर नर्सिंग ट्रेनिंग लेने की इच्छा जाहिर की. कर्ज लेकर जमशेदपुर स्थित एक नर्सिंग कॉलेज में दाखिला करा दिया. कन्हैया पंडित का दावा है कि वह खुद पत्नी के साथ जमशेदपुर स्थित नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर में गया और दो लाख का भुगतान किया. उसकी पत्नी 2 साल तक ट्रेनिंग ली.
पैसा कमाने गुजरात चला गया था
पैसे की जब किल्लत हुई तो कन्हाई पंडित गुजरात चला गया. गुजरात में नमक, रोटी खाकर पैसे का जुगाड़ किया और लगातार पत्नी को पैसा भेजता रहा. कन्हाई पंडित मार्च 2023 में होली के पहले घर लौटा, उसके बाद उसने महसूस किया कि पत्नी का व्यवहार उसके प्रति ठीक नहीं है. दिन और रात ड्यूटी के नाम पर घर से बाहर रहने लगी थी. दोनों के बीच पति-पत्नी जैसा संबंध नहीं रह गया था. धीरे-धीरे उसे संदेह होने लगा कि पत्नी उसके साथ रिश्ता नहीं रखना चाहती है. कन्हाई पंडित का कहना है कि इस बीच पत्नी 10 साल के बेटे को लेकर अपने मायके चली गई और आखरी बार 14 अप्रैल 2023 को बात हुई थी. इसके बाद से पत्नी का फोन बंद है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
