रांची(RANCHI): रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद इलाके का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। बुधवार सुबह जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और कथित सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। बुलडोजर की गड़गड़ाहट और पुलिस की मौजूदगी के बीच कई मकानों को तोड़ा गया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश और भय का माहौल है. प्रशासन का कहना है कि संबंधित भूमि सरकारी है और उस पर अवैध कब्जा किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है. प्रशासन का दावा है कि पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है
हालांकि, मौके पर मौजूद कई स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के दावे पर सवाल उठाए हैं. कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला और अचानक कार्रवाई शुरू कर दी गई. वहीं कुछ लोगों ने स्वीकार किया कि नोटिस मिला था लेकिन उन्हें अपनी बात रखने या वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, वे नगर निगम कार्यालय भी गए थे और अधिकारियों से मोहलत की मांग की थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई. इलाके में रहने वाले कई परिवारों का कहना है कि उन्होंने वर्षों पहले जिस व्यक्ति से जमीन खरीदी थी. लेकिन केस हारने के बाद जमीन के मालिक ने दोबारा पैसे की मांग की. लोगों के मुताबिक, जमीन मालिक ने कहा कि जमीन पर कानूनी विवाद खत्म करने के लिए दोबारा भुगतान करना होगा। इसके बाद कई परिवारों ने पैसे देकर जमीन को फिर से खरीदा. बावजूद इसके अब उनके घरों को तोड़ा जा रहा है, जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.
कार्रवाई के बाद कई परिवार बेघर हो गए हैं. महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित अनेक लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. कई घरों का सामान मलबे में दब गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें रहने के लिए वैकल्पिक घर उपलब्ध कराया जाए या उचित मुआवजा दिया जाए. फिलहाल सुखदेवनगर क्षेत्र में माहौल संवेदनशील बना हुआ है. लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं वहीं प्रशासन कानून के तहत कार्रवाई पर अडिग है.
