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घूसखोरी कांड: धनबाद क्लब की दोस्ती कैसे पंहुचा दी सलाखों के पीछे, पढ़िए इस रिपोर्ट में !!

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 8:49:41 PM

धनबाद(DHANBAD): धनबाद - पटना  के निलंबित प्रधान आयकर आयुक्त  संतोष कुमार के  रिश्वतखोरी की सूची लंबी होती जा रही है.  जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे  हो रहे है.  दिल्ली सीबीआई ने दर्ज एफआईआर में कई बातों का उल्लेख किया है.  जानकारी निकल कर आ रही है कि जमशेदपुर के बिल्डर को भी आयकर रिफंड दिलवाने में संतोष कुमार ने मदद की और उसके एवज  में लाभ  स्वीकार किया.  यह अलग बात है कि संतोष कुमार को रिश्वत पेशकश करने वालों की सूची में धनबाद और पाकुड़ के भी कारोबारियों  के नाम सामने आए है.  पता तो यह भी चल रहा है कि जमशेदपुर के बिल्डर को मदद पहुंचाने के एवज  में जमशेदपुर में ही एक प्रॉपर्टी ली थी.  इस प्रॉपर्टी का एग्रीमेंट संतोष कुमार के पुत्र के नाम से कराया गया  था.  यह  अलग बात है कि धनबाद के कई कारोबारी सीबीआई के रडार पर आ गए है.  

पाकुड़ के भी कारोबारी आ गए है सीबीआई के निशाने पर 

पाकुड़ के भी कारोबारी सीबीआई के निशाने पर है.  आयकर अधिकारी की गिरफ्तारी का मामला कोई पहला  नहीं है.  धनबाद के आयकर प्रक्षेत्र के पूर्व सहायक निदेशक स्वर्ण सिंह और एक कारोबारी की भी पहले गिरफ्तारी हुई थी.  बताया जाता है कि 15- 20 साल पहले एक पेट्रोल पंप व्यवसायी  के यहां आयकर का सर्वे हुआ था.  उसके बाद व्यवसायी  से लाभ पहुंचाने की बात कह   राशि की मांग की गई थी.  व्यवसायी  ने  राशि देने के बजाय इसकी शिकायत सीबीआई से की थी और स्वर्ण सिंह की गिरफ्तारी हुई थी.  यह मामला लगभग 15 -20 साल  पहले का बताया जाता है.  संतोष कुमार के मामले में जब गिरफ्तारियां हुई तो लोगों को पुरानी घटना की यादें ताजा हो गई.  संतोष कुमार कई साल पहले धनबाद में आईटी अधिकारी बनकर आए थे.  उनका उठना- बैठना धनबाद क्लब में था.  धनबाद क्लब में ही वे डॉक्टर प्रणय पूर्वे  और अशोक चौरसिया के करीब आये.  उन्हें क्या मालूम था कि धनबाद क्लब से शुरू हुई यह  दोस्ती उन्हें जेल तक पहुंचा देगी.  लोग बताते हैं धनबाद से जाने के बाद भी संतोष कुमार से धनबाद के लोगों की दोस्ती बनी रही.  यह भी  चर्चा है कि डॉक्टर पूर्वे  की ट्रांसपोर्टर गुरपाल सिंह से गहरी दोस्ती है.  इसीलिए डॉक्टर प्रणय और अशोक चौरसिया सूत्रधार बनकर गुरपाल सिंह से  संतोष कुमार  की सांठ  गांठ कराई .  उसके बाद 10 लाख  रुपए में सौदा तय हुआ. 

डॉक्टर प्रणय पूर्वे के रिश्तेदार भी आया  लपेटे में 

 पैसा पहुंचाने के लिए डॉक्टर प्रणय पूर्वे  ने अपने दूर के रिश्तेदार को तैयार किया था.  इस बीच किसी ने इसकी सूचना सीबीआई को दे दी और मामला  पकड़ में  आ गया.   डॉ प्रणव पूर्वे  के पिता डॉ एसपी पूर्व धनबाद के जाने-माने चाइल्ड स्पेशलिस्ट रहे है.  धनबाद का लगभग हर परिवार उनको जानता होगा.  डॉक्टर प्रणय पूर्वे  की  गिरफ्तारी से सभी अचंभित है.  अशोक चौरसिया भी प्रिंटिंग प्रेस चलाते है. स्वर्ण सिंह के मामले में अधिकारी और एक बिचौलिया पकड़ा गया था. लेकिन इस बार भी  आयकर अधिकारी तो पकड़े गए ही हैं, साथ में चार बिचौलिए भी गिरफ्तार किए गए हैं. दरअसल रिश्वत लेकर टैक्स में मदद पहुंचाने के आरोप में सीबीआई ने अभी हाल ही में धनबाद-पटना  के  प्रधान आयकर आयुक्त संतोष कुमार को गिरफ्तार किया था.उसके बाद कई कड़ियां जुड़ती चली गई.  धनबाद क्लब के सचिव डॉक्टर प्रणय पूर्वे, उनके रिश्तेदार पटना निवासी राजीव कुमार, धनबाद गुजराती मोहल्ला निवासी अशोक चौरसिया गिरफ्तार किए गए है.  .सूत्र बताते हैं कि कई बड़े कारोबारी सीबीआई के रडार पर हैं. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

Tags:DhanbadPatnaIncome Tax officerbichauliyearresting

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