धनबाद: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत का असर शुक्रवार को भारत में भी दिखा.तेल कंपनियों ने फिलहाल सीधे उनसे खरीदारी करनेवालों के लिए मूल्य वृद्धि की है.
जानकारी के अनुसार इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं को अब महंगा ईंधन खरीदना होगा. यह मूल्य वृद्धि आज ही से कर दी गई है. डीजल में₹21 प्रति लीटर वृद्धि की गई है, जबकि पेट्रोल में₹5 प्रति लीटर की वृद्धि की गई है. इसका सीधा आंसर इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं पर पड़ेगा.
जहां-जहां प्रोडक्शन में डीजल का उपयोग होता है, वहां के समान अब महंगे हो जाएंगे. दरअसल, इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं के लिए कंपनियां या तो महीने के 15 तारीख को या फिर महीने के अंतिम दिन प्राइस रिवीजन करती थीं,
लेकिन इस बार अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव की वजह से इस नियम को भी तोड़ दिया गया है और आज ही से इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं के लिए डीजल और पेट्रोल महंगा कर दिया गया है.
असर होगा कि अब उत्पादन लागत बढ़ेगा. यह कोयला उद्योग के लिए भी समस्या बनेगा. आउटसोर्सिंग कंपनियां के लिए भी उत्पादन लागत बढ़ जाएगा. पावर प्लांट को भी अब महंगा डीजल खरीदना होगा. बड़े-बड़े ट्रांसपोर्टर जो सीधे कंपनियों से तेल लेते थे ,उनके बजट में भी बढ़ोतरी होगी.
सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि अब रिटेल में भी तेल खरीदने वाले उपभोक्ताओं को महंगा तेल खरीदना पड़ सकता है. बहुत जल्द मूल्य वृद्धि की जा सकती है.अगर ऐसा हुआ तो उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ सकता है.