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बोकारो: सीसीएल का क्लर्क 15 हजार रिश्वत लेते धराया, जानिए CBI ने कैसे पकड़ा

बोकारो: सीसीएल का क्लर्क 15 हजार रिश्वत लेते धराया, जानिए CBI ने कैसे पकड़ा

बोकारो(BIKARO)- देश की केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की विश्वसनीयता पर सभी को विश्वास होता है. उसकी कार्य प्रणाली ऐसी होती है कि लोग सीबीआई जांच की मांग किसी भी खास घटना में करते हैं. सीबीआई भ्रष्टाचार के मामले को भी देखती है. इसका एंटी करप्शन ब्यूरो इसके लिए काम करता है. केंद्रीय संगठन या सेंट्रल गवर्नमेंट के कार्यालय में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले पर उसकी पैनी नजर रहती है. उसकी कार्य प्रणाली कुछ अलग होती है इसलिए लोग उस पर विश्वास करते हैं.बोकारो जिले के बेरमो में किस प्रकार से सीबीआई ने एक व्यक्ति को पकड़ा,उसके बारे में जानिए. 

सीबीआई ने किसे और क्यों पकड़ा है, जरूर जानिए

सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड यानी सीसीएल कथारा वाशरी में एक क्लर्क कार्मिक विभाग में काम करता है. उसका नाम सुरेश ठाकुर है. वह सीसीएल से रिटायर कर्मचारी गोपीनाथ मांझी को बहुत परेशान कर रहा था.गोपीनाथ मांझी रिटायरमेंट के बाद कंपनी के द्वारा मिलने वाले पैसे यानी एरियर के लिए प्रयास कर रहा था. क्लर्क सुरेश ठाकुर अलग-अलग बहाने बनाकर उन्हें यानी गोपीनाथ मांझी को दौड़ाता रहा. गोपीनाथ मांझी दिसंबर, 2022 से ही परियोजना कार्यालय में आवेदन देकर एरियर का भुगतान मांग रहे थे. बाद में सुरेश ठाकुर ने साफ तौर पर गोपीनाथ मांझी को कहा कि 25000 रुपए लगेगा तो काम हो जाएगा. गोपीनाथ मांझी रिश्वत नहीं देना चाहते थे.इसलिए उन्होंने यूनियन लीडर रामविलास रजवार को सारी बात बताई और उन्हें सहयोग करने को कहा. फिर इसकी लिखित शिकायत सीबीआई में दर्ज कराई गई.

सीबीआई कैसे जाल बिछाया, उसे भी जानिए

गोपीनाथ मांझी की लिखित शिकायत पर सीबीआई ने पहले मामले का सत्यापन किया प्रारंभिक जांच में मामला सही पाया गया उसके बाद सीबीआई की एक टीम गठित की गई.गोपीनाथ मांझी को 15000 सरकारी गवाहों के सामने दिए गए. इस रुपए में केमिकल लगा हुआ था. क्लर्क सुरेश ठाकुर को पैसे लेने के लिए गोपीनाथ मांझी ने प्रेरित किया. परियोजना कार्यालय में ही सुरेश ठाकुर ने गोपीनाथ मांझी को बुलाया. जैसे ही 15000 रुपए सुरेश ठाकुर को दिया गया, वैसे ही सादे वेश में खड़ी सीबीआई की टीम ने रंगे हाथ सुरेश ठाकुर को दबोच लिया. वही रुपया है इसको सत्यापित करने के लिए सुरेश ठाकुर का हाथ धुलवाया गया तो हाथ में रंग लग गया. यह सीबीआई की अपनी प्रक्रिया है. पैसा भी सीबीआई ने उपलब्ध कराया था. वह बैंक से लिया जाता है जिनके गवाह बैंक के अफसर होते हैं.

Published at:08 Oct 2024 09:57 AM (IST)
Tags:Jharkhand newsबोकारो न्यूजCBI investigationCCL clerkCCL clerk caught taking bribeCCL Kathara WasherySuresh ThakurClerkClerk Suresh Thakur arrestedCrime
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