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कोल इंडिया में नौकरी के लिए ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या कलर ब्लाइंडनेस दीवार नहीं बनेगे, जानें लेटर में क्या है

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 13, 2026, 2:47:31 AM

धनबाद (DHANBAD): विश्व की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड ने नियोजन के लिए अपने मेडिकल नियमों में बड़ा बदलाव किया है.  इस बदलाव से नई नियुक्ति के साथ-साथ मेडिकल ग्राउंड पर नौकरी से डीवार होने वालों को भी बड़ी राहत मिलेगी.  खुद को मेडिकली अनफिट घोषित  करा कर अपने आश्रितों को नौकरी देने पर भी बहुत हद तक नियंत्रण लग सकता है.  3 अगस्त को जारी  पत्र के अनुसार कोल इंडिया में नौकरी पाने वालों के रास्ते में अब ब्लड प्रेशर ,डायबिटीज या कलर ब्लाइंडनेस दीवार नहीं बनेगे.  

कोई अंग डैमेज नहीं होने  चाहिए , श्रमिक संगठन कर रहे थे मांग

अब तक के नियम के अनुसार उपरोक्त बीमारियों से पीड़ित लोगों को अनफिट करार देकर नौकरी से डीवार  कर दिया जाता था. कोल इंडिया के उप महाप्रबंधक ने  3 अगस्त को इससे संबंधित कार्यालय आदेश निर्गत कर दिया है.  आपको बता दें कि इन कारणों से कोल इंडिया सहित बीसीसीएल में सैकड़ों संचिकाये लंबित पड़ी हुई है.  पत्र के मुताबिक डायबिटीज के कारण अगर अभ्यर्थी का कोई ऑर्गन डैमेज नहीं है तो नौकरी के लिए फिट होगा.  जिसका ब्लड प्रेशर 180 \ 110 है और कोई ऑर्गन खराब नहीं है तो वह भी नियोजन के लिए सही माना जाएगा.  सभी आवेदकों के कलर ब्लाइंडनेस की भी जांच होगी, जिनको कलर ब्लाइंडनेस होगा वह ग्रुप बी में नियोजन में हकदार होंगे.  आपको बता दें कि उपरोक्त तीनों बीमारियों में छूट की मांग श्रमिक संगठन लगातार कर रहे थे.  

देश में हैं कोल इंडिया की 318 खदानें

कोल इंडिया लिमिटेड देश के 8 राज्यों में 84 खनन क्षेत्रों में अपनी सब्सिडियरी कंपनियों के जरिए कोयला उत्पादन करती है. पूरे देश में सीआईएल की 318 खदानें हैं, जिनमें 141 भूमिगत और 158 पोखरिया  खदानें है. 19 मिश्रित खदानें भी इसमें शामिल है.  कोल् इंडिया लिमिटेड  की पूर्ण स्वामित्व वाली दस भारतीय अनुषंगी कंपनियां हैं, जिन में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल), साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल), नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल), महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल), सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल), गैर-पारंपरिक/स्वच्छ और नवकरणीय ऊर्जा के विकास के लिए सीआईएल नवकरणीय ऊर्जा लिमिटेड तथा सौर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल के विकास के लिए सीआईएल सोलर पीवी लिमिटेड कार्यरत है. इसके अलावा सीआईएल की मोजाम्बिक में एक विदेशी अनुषंगी कंपनी, कोल इंडिया अफ्रीकाना लिमिटाडा (सीआईएएल) है. इसके अलावा सीआईएल की चार और संयुक्त उद्यम कंपनियां - हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड, तालचेर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, सीआईएल एनटीपीसी ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड तथा कोल लिग्नाइट ऊर्जा विकास प्राइवेट लिमिटेड भी है

Tags:News

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