TNP DESK- बंद बाटे दारू, बाकि सगरो बिकाता --- एसपी से ढेर दरोगवा कमाता --- बताइ मालिक -- बिहार कहां जाता। यह गीत कोई साधारण व्यक्ति ने नहीं गुनगुनाया है, बल्कि यह गीत भाजपा विधायक का है. जिन्होंने बिहार में शराबबंदी पर जबरदस्त तंज कसा है. पश्चिम चंपारण की लौरिया विधानसभा सीट से भाजपा विधायक विनय बिहारी ने खास अंदाज में शराबबंदी पर तंज कसा है.
बात इतनी ही नहीं, उन्होंने राजद के विधान पार्षद सुनील सिंह के उस बयान का भी समर्थन कर दिया, जिसमें कहा गया था कि विधान परिषद परिसर तक शराब की डिलीवरी हो सकती है. हालांकि सरकार ने कह दिया है कि शराबबंदी की समीक्षा नहीं होगी। विधायक विनय बिहारी ने कहा कि किसी बारात में जाने पर पता चलता है कि कितनी शराब बिहार में बिक रही है. उन्होंने उदाहरण दिया कि एक बारात में गए थे. जहां 500 लोगों की भीड़ थी. वहां एक सौ से अधिक लोगों ने शराब पी रखी थी. उन्होंने सवाल किया है कि बिहार में शराब कहां नहीं मिल रही है. यह बात सभी जानते है.
सुनील सिंह के शराब डिलीवरी वाले बयान पर विनय बिहारी ने कहा कि डिलीवरी हो रहा है, तभी तो कह रहे हैं. क्या गलत कह रहे हैं? उन्होंने कहा कि शराब बंदी की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हजारों -लाखों लीटर शराब जब्त होती है, फिर उसे धरती में दबाया जाता है. धरती का नाश किया जा रहा है. जो धरती का नाश कर रहे हैं, तो फिर धरती बचाओ की बात कैसे करेंगे?
बता दें कि राजद विधान पार्षद सुनील सिंह ने कहा था कि मैं पहले भी कहा था कि वर्ष 2016 में शराबबंदी लागू होने से पहले बिहार में जितनी शराब खपत होती थी, उससे कई गुना ज्यादा बिहार में शराब पहुंच रही है. 94 हजार किलोमीटर बिहार का क्षेत्रफल है. बिहार का बॉर्डर काफी लंबा -चौड़ा है. शराब बंदी की वजह से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है. सूखा नशा का व्यापार काफी बढ़ गया है. उन्होंने कहा था कि कोई जगह नहीं है, जहां शराब की डिलीवरी नहीं हो सकती है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
