✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

गुमला और जमशेदपुर में याद किये गए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भाजपा ने की पुण्यतिथि पर स्मृति सभा की

BY -
Sushma Kumari
Sushma Kumari
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 11:45:25 PM

गुमला(GUMLA): भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को आज प्रदेश में कई जगह याद किया गया। उनकी स्मृति में भाजपा की ओर से गुमला और जमशेदपुर में सभा हुई। उनके विचारों पर चलने का संकल्प लिया गया। उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किये गए। भाजपा आज के दिन को बलिदान दिवस के रूप में मनाती है।

मौके पर गुमला जिला अध्यक्ष अनुपचन्द्र अधिकारी ने कहा कि आज हम ऐसे महापुरुष के बलिदान को याद कर रहे हैं. जिनकी सोच ने भारत को अखंड राष्ट्र बनाया है. जिला अध्यक्ष ने कहा कि 6 जून 1901 में सभ्रांत परिवार में जन्मे डॉ. मुख़र्जी मुखर्जी ने 1926 में लंदन से पढ़ाई कर बैरिस्टर की उपाधि प्राप्त कर ली थी. उन्होंने 32 साल की कम उम्र में ही कलकत्ता विश्वविद्यालय का कुलपति बनकर विश्व के सबसे युवा कुलपति होने का रिकॉर्ड बना लिया था.

इधर, जमशेदपुर में भी डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पुण्यतिथि पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और सांसद विद्धुत वरण महतो  सहित bjp कार्यकर्त्ताओ ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया.  कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी शख्सियत के विचार को पूरे जहां में पहुंचाना है. वक्ताओं ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बनाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। कहा कि  पहली बार किसी आदिवासी महिला को सर्वाच्च पद के लिए प्रत्याशी बनाया गया है. जिस तरह उड़ीसा के मुख्यमंत्री ने समर्थन का भरोसा दिया है. इससे जीत तय ही है.


21 अक्टूबर 1951 में जनसंघ की स्थापना 

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि देश आजादी के बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिभा को देखते हुए पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उनको कैबिनेट उद्योग मंत्री बनाया था. पाकिस्तान गिद्ध दृष्टि अपनाकर नेहरू- कांग्रेस के तुष्टीकरण नीति के सहारे देश से कश्मीर को अलग करना चाहता था.  नेहरू- लियाकत अली के बीच समझौता के सहारे देश में सरकार दो कानून बनाना चाहती थी. जिसके विरोध में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मंत्रिमंडल से 1950 में इस्तीफा दे दिया। 21 अक्टूबर 1951 में जनसंघ की स्थापना की और कश्मीर की लड़ाई लड़ी. कश्मीर प्रशासन ने उन्हें जेल में डाल दिया। जेल में ही उनकी रहस्यमयी मौत 23 जून 1953 को हो गई. आज भी पूरा देश उनकी मौत पर अनभिज्ञ है. वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रवाद की जो अलख उन्होंने जलाई थी, जो सपना देखा था. वो प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में पूरा हुआ. कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हो गया 35a -370 धारा हमेशा के लिए खत्म हो गई. उनका बलिदान हर भारतीय के लिए स्मृति शेष रहेगा. 

 

रिपोर्ट- सुशील कुमार सिंह, गुमला रंजीत ओझा, जमशेदपुर

Tags:News

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.