जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): दलमा की तलहटी में सोमवार को बर्ड वाचिंग कार्यक्रम का आयोजन किया. जमशेदपुर टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क, जमशेदपुर के सहयोग से कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी विभाग, टाटा स्टील ने यह कार्यक्रम का आयोजन किया. टाटा स्टील में सस्टेनेबिलिटी मंथ सेलिब्रेशन के साथ जुड़े इस आयोजन का उद्देश्य टाटा समूह की कंपनियों के सभी कर्मचारियों और हितधारकों के बीच 'सस्टेनेबिलिटी' शब्द की एक सामान्य समझ पैदा करना रहा. यह हमारे सस्टेनेबल भविष्य के लिए आवश्यक आदतों में बदलाव करने में भी मदद करता है. इस वर्ष की थीम 'बीअर्थस्मार्ट-लर्न, लिव, लीड' है.
जानिए दलमा की खुबसूरती
जमशेदपुर से 13 किमी दूर डिमना, दलमा वन्यजीव अभयारण्य के करीब है. यह क्षेत्र एक कृत्रिम झील ने सुसज्जित किया है. वहीं अपनी शांति और सुखद हरियाली के लिए प्रसिद्ध दलमा पर्वत श्रृंखला की तलहटी में स्थित है. वनों की विशेषता गर्मियों में छंटे हुए पत्तों से होती है, जो मानसून की शुरुआत में पूर्ण रूप से भर जाते हैं. वन "शुष्क प्रायद्वीपीय साल" और "उत्तरी शुष्क मिश्रित पर्णपाती वन" श्रेणी के अंतर्गत आते है.
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इतने लोगों ने लिया भाग, किया ये एडवेंचर
कार्यक्रम सुबह साढ़े पांच बजे शुरू हुआ और नौ बजे समाप्त हुआ. इस कार्यक्रम में लगभग 100 वन्यजीव उत्साही लोगों ने भाग लिया. दो सत्रों में ब्रीफिंग हुई. पहला सत्र में प्रतिभागियों ने 2 किमी की तलहटी पर स्वैच्छिक ढंग से ट्रैकिंग करके पक्षियों का अवलोकन किया. अनुभव और निष्कर्षों को साझा करने के लिए दूसरा सत्र टाटा स्टील मैनेजमेंट डेवलपमेंट सेंटर (टीएमडीसी) में था. विभिन्न टीमों को हॉर्नबिल, ओरिओल, ट्री पाई, किंगफिशर, पित्ता, सारस और कठफोड़वा के रूप में नामित किया गया था. सभी प्रतिभागियों को पक्षियों की पहचान करने और उनकी डेटाशीट सह रेफरेंस शीट में रिकॉर्ड करने का कार्य सौंपा गया था.
48 प्रजातियों की पक्षी हुए चिन्हित
सभी प्रतिभागियों ने सत्र के दौरान कुल 48 पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई. प्रतिभागियों में टाटा स्टील के कर्मचारी, शिक्षक, वैज्ञानिक, स्वयंसेवक आदि शामिल थे. इस कार्यक्रम में जमशेदपुर वन प्रभाग के वन रक्षकों ने भी भाग लिया. कार्यक्रम का नेतृत्व सोमेश बिस्वास, चीफ कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी और डॉ हिशमी जमील हुसैन, हेड बायोडायवर्सिटी कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी, टाटा स्टील ने किया.
रिपोर्ट: रंजीत ओझा, जमशेदपुर
