धनबाद(DHANBAD) : बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जेड प्लस सुरक्षा देने का निर्णय लिया है. नीतीश कुमार की विदाई बेला में वरिष्ठ समाजवादी नेता शिवानंद तिवारी लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं. हाल के दिनों में उन्होंने नीतीश कुमार को लेकर कई टिप्पणियां की है. उन्होंने सुशासन की छवि वाले बिहार में हाल में हुई घटनाओं से तार-तार होने की बात कही है. उन्होंने यह भी कहा है कि क्या इन घटनाओं ने नीतीश कुमार को जाते-जाते कैसी विदाई दी है?
जाते -जाते नीतीश कुमार की ये कैसी विदाई
उन्होंने सोशल मीडिया में पर पोस्ट कर कहा है कि नीतीश जी बिहार से विदा ले रहे हैं, यह कहना सही नहीं होगा कि वे बिहार छोड़कर जा रहे हैं, लेकिन यह अवश्य कहा जा सकता है कि बिहार के शासन-प्रशासन को चलाने की जो उनकी जवाबदेही थी, उससे वे स्वयं को अलग कर रहे हैं. उनके बाद कौन आएगा, यह भविष्य तय करेगा, परंतु प्रश्न यह है कि जाते-जाते उन्हें कैसी विदाई मिली?उनके अपने ही क्षेत्र, नालंदा ज़िले में जो घटनाएँ सामने आईं, वे अत्यंत चिंताजनक हैं. दिन-दहाड़े एक महिला को, जो दो बच्चों की माँ थी, कुछ लोग सड़क पर घसीटते हुए ले जा रहे हैं. सरेआम उसके शरीर के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं.
नवादा में जो हुआ ,क्या कभी नीतीश कुमार अपने को माफ़ कर पाएंगे
ऐसा नहीं कि यह सब किसी किनारे में हो रहा है. फ़िल्मी दृश्य की तरह मुख्य सड़क पर यह घटना हो रही है और राह चलते लोग तमाशा की तरह इस दृश्य को देख रहे हैं. कुछ लोग इस दृश्य का वीडियो बना रहे. यह केवल कानून-व्यवस्था का प्रश्न नहीं है, बल्कि समाज की उस मानसिक स्थिति का भी संकेत है ,जहाँ गलत का प्रतिरोध की क्षमता ही क्षीण हो चुकी है. अन्याय सामने होता है, और लोग हस्तक्षेप करने के बजाय मोबाइल से वीडियो बनाते हैं. यह नीतीश के गृह ज़िले में हो रहा है.दूसरी ओर, मंदिर में हुई भगदड़ की घटना, जहाँ नौ लोगों की मृत्यु हो गई, जिनमें आठ महिलाएँ थीं. यह सब उस समय हो रहा है जब देश की राष्ट्रपति उसी ज़िले में मौजूद थीं.नालंदा की दोनों घटनाएँ नीतीश जी की विदाई के क्षण को थोड़ा धूमिल ही करती हैं. शिवानन्द
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो