धनबाद(DHANBAD): हो गया क्लियर कि बिहार में अब भाजपा का ही मुख्यमंत्री होगा. कौन होगा, इसका पता 15 अप्रैल को चल सकता है. भाजपा ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. इससे संबंधित अधिकृत पत्र जारी कर दिया गया है. दरअसल, भाजपा के मुख्यमंत्री के नाम को लेकर दिल्ली में बैठक दो दिन पहले प्रस्तावित थी. लेकिन अंतिम समय में बैठक रद्द कर दी गई और कहा गया कि एनडीए के विधायक पटना में ही अपना नेता चुनेगें। रविवार को अरुण सिंह ने पत्र जारी कर शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है.
मुख्यमंत्री बनने की रेस में चल रहे नेताओं की धड़कनें तेज
पर्यवेक्षक नियुक्ति के साथ ही मुख्यमंत्री बनने की रेस में चल रहे नेताओं की धड़कनें बढ़ गई है. इतना तो तय है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व तय कर लिया है कि मुख्यमंत्री कौन होगा, घोषणा की औपचारिकता बाकी है. इसके साथ ही नीतीश कुमार के 20 साल के मुख्यमंत्री रहने का समय भी खत्म हो जाएगा. वैसे भी नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले लिए हैं. वह 14 तारीख को कैबिनेट की बैठक के बाद इस्तीफा दे सकते हैं और उसके बाद नई सरकार का गठन होगा.मुख्यमंत्री की रेस में चल रहे नेताओं की धड़कनें इसलिए बढ़ गई है कि शिवराज सिंह चौहान कहीं किसी नए नाम की घोषणा तो नहीं करेंगे?
अब बिहार में भाजपा काल शुरू हो जाएगा
वैसे भी बिहार में अब भाजपा का समय शुरू हो जाएगा. पहली बार भाजपा का कोई मुख्यमंत्री बनेगा.इसके साथ ही जदयू अब सहयोगी की भूमिका में आ जाएगा.मंत्रिमंडल का स्वरूप क्या होगा, कौन-कौन मंत्री बनेंगे, जदयू के कितने मंत्री बनेंगे, डिप्टी सीएम रहेंगे अथवा नहीं और अगर रहेंगे तो जदयू को क्या सत्ता में हिस्सेदारी मिलेगी ,यह सब अभी भविष्य के गर्भ में है. इधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि बिहार में कोई भी मुख्यमंत्री बने, लेकिन सरकार तो गुजरात से "रिमोट" पर ही चलेगी. रविवार को इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के स्थापना दिवस समारोह में उन्होंने कहा कि भाजपा आरक्षण विरोधी है. जब तक इन लोगों का राज रहेगा, तब तक पान समाज का भविष्य गरीबी और भुखमरी में ही बीतेगा.उन्होंने कहा कि पान समाज के आरक्षण की लड़ाई में तेजस्वी यादव और राजद हमेशा साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक एकजुट रहेंगे तो दिल्ली से एनडीए सरकार की विदाई तय है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो