धनबाद(DHANBAD): बिहार के जहानाबाद की रहने वाली नीट छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच अब सीबीआई ने शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार सीबीआई की टीम रविवार को छात्रा के गांव पहुंची। परिजनों से पूछताछ की. सीबीआई की टीम ने परिजनों से अलग-अलग बातचीत की. सीबीआई की टीम तीन से चार घंटे तक गांव में रही और विभिन्न पहलुओं पर जानकारी हासिल की. पूछताछ के बाद मृतक छात्रा की कलम, कॉपी, किताब, बैग एवं कपड़े सहित अन्य सामान अपने साथ लेकर गई. लड़की के भाई का मोबाइल भी साथ ले गई है. जानकारी के अनुसार सीबीआई के केस हाथ में लेने के पहले रात में एसआईटी की टीम भी छात्रा का बैग लेने पहुंची थी. लेकिन छात्रा के पिता के घर में नहीं रहने के कारण परिजनों ने नहीं दिया था.
सूचना के मुताबिक टीम ने छात्रा के माता-पिता ,भाई-भाभी, दादी -दादा से पूछताछ की. हर एंगल से सीबीआई पूछताछ कर रही है. 6 जनवरी को पटना के एक निजी हॉस्टल में छात्रा बेहोशी की हालत में मिली थी. उस अलग-अलग निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन 11 जनवरी को छात्रा की मौत हो गई थी. इसके बाद इसकी जांच एसआईटी को सौंपी गई थी. एसआईटी कई बार जहानाबाद स्थित मृत छात्रा के गांव गई. जांच को लेकर लोग संतुष्ट नहीं थे. लगातार सवाल खड़े किया जा रहे थे. इसको लेकर दिल्ली के जंतर -मंतर पर भी धरना -प्रदर्शन किया गया. बिहार का एक बहुत बड़ा वर्ग सड़क पर आंदोलन कर रहा था. सरकार पर लगातार दबाव बढ़ रहा था.
इसके बाद राज्य सरकार ने 31 जनवरी को सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी. अब सीबीआई केस दर्ज कर जांच शुरू की है. इसी क्रम में सीबीआई की टीम रविवार को पहली बार जांच करने मृतक छात्रा के गांव पहुंची। इस मामले को लेकर सरकार के खिलाफ सदन से लेकर सड़क तक प्रदर्शन किए गए. सदन में भी सवाल उठाए गए. गृह मंत्री सम्राट चौधरी सवालों के घेरे में थे. पटना पुलिस भी जांच को लेकर संदेह के घेरे में थी. इस मामले को लेकर उस समय और अधिक उबाल आ गया ,जब पटना पुलिस ने एक पुराने मामले में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को उनके आवास से देर रात को गिरफ्तार कर लिया। आरोप लगाया जाने लगा कि पप्पू यादव ने छात्रा मौत के मामले को लेकर काफी मुखर थे, इसलिए उन्हें सबक सिखाने के लिए पुलिस ने यह एक्शन लिया है. कई लोगों का डीएनए जांच के लिए खून के नमूने भी लिए गए थे. अब सीबीआई इस मामले को नए ढंग से देख रही है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
