Chaibasa (चाईबासा) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के अत्यंत नक्सल प्रभावित सारंडा वन क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है यहाँ के तिरीलपोसी जंगल में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए एक आईईडी (IED) विस्फोटक की चपेट में आने से दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.इस घटना की पुष्टि जिले के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने की है.
जानकारी के अनुसार, तिरीलपोशी गांव के कुछ ग्रामीण रोजमर्रा की तरह जलावन के लिए लकड़ी और पत्ते चुनने जंगल गए हुए थे. इसी दौरान, नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से जमीन के नीचे छिपाकर लगाए गए प्रेशर आईईडी पर एक ग्रामीण का पैर पड़ गया. जोरदार धमाके के साथ हुए इस विस्फोट में दो ग्रामीण बुरी तरह जख्मी हो गए.
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए एसपी अमित रेणु ने बताया कि विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई है. घटना अंधेरा होने के बाद हुई है, इसलिए वर्तमान में स्थिति का पूर्ण आकलन किया जा रहा है. हमारी प्राथमिकता घायल ग्रामीणों को जल्द से जल्द सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें बेहतर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना है. सुरक्षा बल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं.
नक्सलियों की हताशा का प्रतीक
एसपी ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए इसे नक्सलियों की ‘कायरतापूर्ण कार्रवाई’ करार दिया।.उन्होंने कहा कि नक्सली अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मासूम ग्रामीणों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं, जो उनकी बढ़ती हताशा को दर्शाता है.
क्षेत्र में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद तिरीलपोशी और आसपास के ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगलों में नक्सलियों द्वारा लगाए गए ये ‘डेथ ट्रैप’ अब आम नागरिकों के लिए काल बनते जा रहे हैं.
पुलिस प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य जारी है। घायलों की स्थिति और पहचान के संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार है.
