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जामताड़ा गैंग की ठगी से सावधान, नए-नए तरीके से कर रहे है लोगों की जेब खाली

जामताड़ा गैंग की ठगी से सावधान, नए-नए तरीके से कर रहे है लोगों की जेब खाली

रांची(RANCHI): फर्राटेदार अंग्रेजी, सभ्य शिक्षित अंदाज में बात करने का स्किल और ज्ञान का भंडार. ये सब किसी भी हाई प्रोफ़ाइल जॉब करने वाले में ही आपको मिलेगा लेकिन झारखंड के जामताड़ा के ठगों के पास इससे भी अच्छी स्किल है कि इन सबका उपयोग करके वो लोगों को आसानी से अपने झांसे में ले लेते है. इस स्किल की मदद से ये ठग साइबर फ्रॉड करने का काम कर रहे हैं. जी हां, फ्रॉड भी ऐसा की अच्छे-अच्छे आदमी इनके जाल में फंस जा रहे. जामताड़ा के इस ठगी गैंग की चपेट मे सिर्फ झारखंड बिहार ही नहीं बल्कि पूरा उत्तर भारत आ गया है. साइबर ठगों के जामताड़ा गैंग का तेजी से विस्तार हो रहा है. जैसे-जैसे देश डिजिटल हो रहा है, जामताड़ा गैंग के नए-नए ब्रांच खुल रहे हैं. उत्तर प्रदेश के मथुरा, राजस्थान के भरतपुर और हरियाणा के मेवात का त्रिकोण में फंसकर बड़े-बड़े लोग अपनी दौलत गंवा रहे हैं. मथुरा, भरतपुर और मेवात का त्रिकोण दरअसल इन्हीं नए-नए ब्रांच से बना है. यूपी पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में साइबर क्राइम के जिन मामलों की जांच की है, उनमें कम से कम 400 केस के तार इसी त्रिकोण से जुड़े मिले. सूत्रों के अनुसार ठग अपने पुरुष शिकारों को आपत्तिजनक हालत में लाकर उनसे पैसे ऐंठने में माहिर हो गए हैं. उन्होंने कहा, 'फर्जी पॉर्न वीडियो बनाकर अपने टार्गेट को कॉल करते हैं और 5 हजार से 50 हजार रुपये तक मांग करते हैं. कई ठग तो मुंबई, कोलकाता जैसे महानगरों के शिकार से फर्राटेदार अंग्रेजी में बात करते हैं. '

सोशल मीडिया के माध्यम से तेज पकड़ रहा सेक्सटॉर्शन का धंधा

हाल में ही एक बुजुर्ग व्यक्ति इस गैंग के सेक्सटॉर्शनका शिकार हुआ था. उसने सोशल मीडिया पर एक महिला का फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट किया. उसके बाद उसके वॉट्सऐप पर एक वीडियो कॉल आई. 15 सेकंड की वीडियो कॉल में लड़की ने अपने कपड़े उतारे और अश्लील बातें कीं. फिर कॉल काट दी. कुछ मिनट बाद ही पीड़ित को फोन कॉल आई. उसे कहा गया कि 30 लाख रुपये दे दे या फिर आपत्तिजनक में लड़की को देखता उसका वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया जाएगा. ये कोई पहला मामला नही है ऐसे ही अकेले रहने वाले लोगों बुजुर्गों और महिलाओं को वीडियो कॉल करके क्लिप बना कर एडिटिंग से पॉर्न वेबसाइट में डालने की धमकी देते है और ऐंठते है लाखों रुपये. अपनी इज्जत बचाने के लिए लोग आसानी से उन्हे पैसे दे भी देते है लेकिन लखनऊ के एक कारोबारी ने इस मामले में पुलिस की मदद ली और उन्हे ब्लाकमेल करने वाले आरोपियों को मेवात से धर दबोचा गया. पिछले एक वर्ष में करीब 300 लोगों ने साइबर सेल से गुहार लगाई है. इनमें उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (UPPCS) के एक सीनियर अधिकारी भी शामिल हैं. इन सबसे वीडियो कॉल पर लड़की के कपड़े खोलने और गंदी बातें करने के बाद पैसे मांगने की कॉल आई थी.

आसनी से जीत लेते है भरोसा

सेक्सटॉर्शन के अलावा ठग सबसे ज्यादा ई-कॉमर्स साइटों और ऑनलाइन प्लैटफॉर्मों पर शिकार को चपत लगाते हैं. इन साइट्स पर नजर गद्य कर या डुप्लिकेट लिंक भेज कर ये ला सकते है अपको चूना. साइबर सेल से जुड़े एक सीनियर अधिकारी ने बताया , 'ठग ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर नजरें बनाए रहते हैं. कभी वो फर्जी अकाउंट्स बनाकर खुद को ग्राहक बताकर विक्रेता को कॉल करते हैं. कीमत तय करके वो विक्रेता को क्यूआर कोड भेजते हैं. ऐसे में बेचने वाला खरीदने वाले पैसे लेने की बजाय उसे दे देता है. आगे कहा कि सेक्सटॉर्शन और ई-कॉमर्स साइट्स के जरिए फ्रॉड के लिए विशेष ज्ञान की जरूरत नहीं है जबकि जामताड़ा गैंग वाले लोगों को बड़ी मेहनत से समझाकर अपना शिकार बनाते हैं. उन्होंने कहा, 'ऐसे मामलों में ठग या तो अपने शिकार को झांसा देकर या उन्हें लिंक भेजकर या फिर वीडियो कॉल करके मोबाइल ऐप इंस्टॉल कर देते हैं. आखिर में वो खुद को पुलिस वाला बताकर धमकी देते हैं. '

खरीद-बिक्री के वक्त रहें सतर्क

ये ठग कई बार फर्जी आइ कार्ड और डॉक्युमेंट्स दिखाकर लोगों को बनाते है बेवकूफ. ये ठग अखबारों और ऑनलाइन वेबसाइटों पर प्रकाशित विज्ञापनों को खंगालते हैं. वो खुद को आर्मी या पैरा मिलिट्री से जुड़ा शख्स बताकर अपने शिकार को भरोसे में लेते हैं. यहां तक कि वो अपना फर्जी बैज नंबर, बटालियन का नाम, पोस्टिंग की जगह भी बताते हैं और आईडी लगी यूनिफॉर्म में अपनी तस्वीर भेजते हैं. मथुरा और भरतपुर के ठग अक्सर उन लोगों को टार्गेट करते हैं जो सेकंड हैंड बाइक, कार, गैजेट या रोजमर्रा के सामानों की खरीद या बिक्री का विज्ञापन डालते हैं. हाल ही में मीडिया मे खबर आई थी की एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर को 5 लाख रुपये का चूना लगा था. उन्होंने एक महीना पुराने डबल डोर को 50 हजार में बेचने का विज्ञापन दिया था. उनका भरोसा जीतने के लिए ठग ने खुद को आर्मी पर्सन बताकर उनके अकाउंट में 100 रुपये डाल दिए. उसके बाद उसने कहा कि चूंकि वह सीमाई इलाके में तैनात है, इसलिए वहां नेटवर्क की दिक्कत है और पेमेंट नहीं हो पा रहा है. उसने एक क्यूआर कोड भेजा. जैसे ही क्यूआर कोड स्कैन किया, 5 लाख रुपये खाते से निकल गए.

ठगी से बचना है तो कीजिए ये उपाय

सोशल मीडिया अकाउंट्स को प्राइवेट मोड में डालें. ऑनलाइन अपनी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन का इस्तेमाल करें. खासकर मोबाइल पर एंटी-मालवेयर जरूर इंस्टाल करें. गांठ बांध लें कि पैसे लेने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं पड़ती है. अगर कोई आपको पैसे देने के लिए आपसे ही क्यूआर कोड स्कैन करने को कह रहा है तो समझ लीजिए 100% ठगी की कोशिश है. कभी क्यूआर कोड स्कैन करके कोई ऐप डाउनलोड नहीं करें. सिर्फ गूगल और ऐपल प्ले स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें. क्यूआर कोड स्कैन कर भी लिया तो खुलने वाली वेबसाइट के यूआरएल पर गौर कीजिए. अगर सब ठीक लगे तभी अपना बैंक अकाउंट डीटेल डालिए. थोड़ी सी भी शंका हो तो बिल्कुल मत डालिए. क्यूआर कोड से पेमेंट मांगने वाली कंपनी के डीटेल अच्छे से देखें. यानी, आपका पेमेंट कहां जाएगा, यह ठीक से देख लें. क्यूआर कोड स्कैन करके किसी वेबसाइट पर जाने की आदत छोड़ दें. ब्राउजर में टाइप करके वेबसाइट पर जाने की आदत डालें.

Published at:25 Dec 2022 04:04 PM (IST)
Tags:THE NEWS POSTJAMTADA NEWSJHARKHND NEWS
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