टीएनपी डेस्क (TNP DESK): असम में चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद अब बंगाल के चुनाव पर भाजपा की निगाहें टिक गई हैं. वैसे तो बंगाल में चुनाव प्रचार पहले से ही उफान पर है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भवानीपुर में रैली के जवाब में आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सड़क पर उतरी. बुधवार को उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. घर से पैदल निकल कर वह अलीपुर सर्वे भवन पहुंची, ममता बनर्जी के साथ भारी जुलूस था. उनके साथ काफी संख्या में समर्थक थे. नामांकन के बाद उन्होंने जनता का अभिवादन किया, फिर मीडिया से बात करते हुए मतदाता सूची पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं.
1.02 करोड़ में केवल 32 लाख नाम बहाल करने का आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है. उन्होंने दावा किया कि 1.02 करोड़ मतदाताओं में से केवल 32 लाख के नाम ही बहाल किए गए हैं. उन्होंने आगे कहा कि डुप्लीकेट या मृत मतदाताओं के नाम हटाना स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इतनी मात्रा में नाम हटाना कई सवाल खड़े करता है. भवानीपुर उनके लिए केवल एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि कर्मभूमि है. कहा कि मैं यहां 365 दिन रहती हूं और यहां के लोगों के साथ मेरा भावनात्मक लगाव है. उन्होंने राज्य की जनता से अपील की, कि सभी सीटों पर तृणमूल के उम्मीदवारों को समर्थन दें. उन्होंने भरोसा जताया कि बंगाल में एक बार फिर तृणमूल की सरकार बनेगी.
ममता बनर्जी ने कहा कि इस बार का चुनाव केवल सत्ता का, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और जन कल्याण नीतियों की रक्षा का भी है. बता दें कि भवानीपुर सीट इस बार खास बन गई है. मुकाबला कड़ा माना जा रहा है. भाजपा से शुबेन्दु अधिकारी भवानीपुर से लड़ रहे है. वह बंगाल के नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ रहे हैं. वैसे, भवानीपुर सीट इस बार "हॉट सीट "बनी हुई है. सुबेन्दु अधिकारी के नामांकन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि 2021 में ममता बनर्जी नंदीग्राम से हारी थीं. 2026 में वह भवानीपुर से भी हारेंगी. उन्होंने कहा था कि बंगाल में इस बार तृणमूल कांग्रेस का जाना तय है. उन्होंने यह भी कहा था कि सुबेंदु अधिकारी को उन्होंने ही भवानी पुर से लड़ने के लिए तैयार किया. पिछली बार ममता बनर्जी को सुबेन्दु अधिकारी ने नंदीग्राम से हराया था, इस बार भवानीपुर से हराएँगें.