TNPDESK: पश्चिम बंगाल का चुनाव इस बार किसी "महासंग्राम " से कम नहीं है. 294 सीटों पर चुनाव होने हैं. 2021 में जहां आठ चरणों में चुनाव हुए थे, वहीं 2026 में केवल दो चरणों में चुनाव होने जा रहा है. इस बार के चुनाव में ममता बनर्जी जहां चौथी बार सत्ता में लौटने के लिए मैदान में हैं. तो भाजपा मिशन बंगाल में लगी हुई है. लेफ्ट और कांग्रेस भी अपनी वजूद के लिए परेशान है. पहले चरण 23 अप्रैल को 152 सीटों पर चुनाव होने हैं, दूसरे चरण 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोटिंग होगी. 4 मई को नतीजे आएंगे. ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव 15 साल की सत्ता को बचाना चुनौती है. "लक्ष्मी भंडार" जैसी कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा ममता बनर्जी अपनी सभा में खूब कर रही हैं.
77 सीटों पर सिमटने वाली भाजपा इस बार पूरी तरह से रेस
दूसरी ओर 2021 में 77 सीटों पर सिमटने वाली भाजपा इस बार कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा सामने किया गया है और भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल का नारा दिया गया है. अगर बीजेपी बंगाल जीत लेती है, तो पूर्वी भारत में उसकी ऐतिहासिक सफलता होगी. वैसे 2021 में शून्य पर सिमटने वाले बाम दल और कांग्रेस इस बार अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मोर्चे पर हैं तो बिहार के भाजपा नेता भी बंगाल के दौरे पर हैं. दूसरी ओर ममता बनर्जी भी अपने कमांडरों को चुनाव प्रचार में उतार दिया है. आरोप- प्रत्यारोप का दौरा तेज है.
चुनाव का साइड इफ़ेक्ट --सार्वजनिक परिवहन पर असर
दूसरी ओर 23 अप्रैल को होने वाले प्रथम चरण के चुनाव से पहले शहर में सार्वजनिक परिवहन पर असर दिखने लगा है. सड़क पर से गाड़ियां गायब हो रही हैं. चुनावी तैयारी के बीच कोलकाता में बसों की कमी से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन ने चुनाव कार्यो के लिए सोमवार से ही सरकारी और निजी बसों को सड़कों से हटाकर अपने नियंत्रण में लेना शुरू कर दिया है. ख़ास बात यह है कि 2021 में कोलकाता छोड़कर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम चुनाव लड़ने गई थी. ममता बनर्जी सुवेंदु अधिकारी को चुनौती देने नंदीग्राम गई थी. लेकिन पूरी ताकत के बावजूद उन्हें हारना पड़ा था. 2026 में सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम में तो चुनाव लड़ ही रहे हैं, ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर भी पहुंच गए है. कहा जा रहा है कि भवानीपुर में इस बार "चुनावी महासंग्राम" होगा. यहां वोटिंग 29 अप्रैल को होनी है.