धनबाद(DHANBAD) | बंगाल में कांग्रेस सभी 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेंगी 284 सीटों पर उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. फिर सवाल उठता है कि बंगाल में अकेले लड़कर कांग्रेस आखिर क्या हासिल करना चाहती है? क्या कांग्रेस का अब क्षेत्रीय दलों से मोह भंग हो गया है? क्या ऐसा दूसरे प्रदेशों में भी कांग्रेस करेगी? क्या कांग्रेस अपने बूते आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है?क्या बंगाल के जरिये क्षेत्रीय दलों को कोई संदेश देना चाहती है? कांग्रेस बता रही है कि पूरे पश्चिम बंगाल से उसके पास 25 00 आवेदन आए थे. सभी आवेदन कर्ता चुनाव लड़ने को इच्छुक थे.
कांग्रेस कहती --बंगाल में पार्टी को मजबूत करने का प्रयास शुरू
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को मजबूत करने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं और इसलिए अकेले चलने की रणनीति पर आगे बढ़ा जा रहा है. कांग्रेस यह भी मान रही है कि ऐसा करने से कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ेगा। वैसे भी बंगाल में कांग्रेस को खोने के लिए कुछ नहीं है. जो भी मिलेगा, वह प्लस ही कहा जाएगा। राजनितिक पंडित मानते हैं कि कांग्रेस के इस कदम का फायदा तृणमूल कांग्रेस को मिल सकता है. कांग्रेस का यह निर्णय एक रणनीति भी हो सकती है. क्योंकि कांग्रेस और बाम दलों के अलग-अलग लड़ने से ममता बनर्जी विरोधी वोटो का बंटवारा होगा। यह विरोधी वोट बीजेपी का हो सकता है.
कांग्रेस अगर बंगाल चुनाव को गंभीरता से लेगी तो क्या होगा
यह अलग बात है कि ममता बनर्जी जरूर यह चाहेंगी कि कांग्रेस बंगाल चुनाव को बहुत गंभीरता से नहीं ले और कांग्रेस के बड़े नेता यहां अधिक चुनाव प्रचार करने नहीं पहुचें। कहा जाता है कि कांग्रेस का प्रचार जितना तेज होगा, ममता बनर्जी के मुस्लिम मतदाताओं में उतनी ही सेंधमारी होगी। वैसे भी ओवैसी और हुमायूँ कबीर के साथ आने से कुछ हिस्सों में मुस्लिम वोट में सेंध लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. लेकिन ममता बनर्जी को भरोसा होगा कि मुस्लिम वोट तृणमूल के साथ ही रहेगा। वैसे भी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है.
ममता बनर्जी ने एक कह अमित शाह पर किया पलटवार
सोमवार को पश्चिम मेदिनीपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला । ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा देश को लूटने के इरादे से समाज के हर वर्ग के बीच नफरत की दीवार खड़ी कर रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ममता सरकार के खिलाफ पीपुल्स "चार्ज शीट" पर पलटवार करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि अमित शाह कौन होते हैं, हम पर आरोप लगाने वाले। पहली चार्ज शीट तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ दाखिल होनी चाहिए। जिन्होंने दंगों की राजनीति कर सत्ता हासिल की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का एकमात्र एजेंडा हिंदू -मुसलमानों को बांटकर सत्ता हथियाना और संसाधनों को लूटना है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो