चाईबासा(CHAIBASA): झारखंड सरकार की सबसे महत्वकांक्षी योजना मंईयां सम्मान के खिलाफ अब महिला सड़क पर उतर गई. योजना की किस्त और लाभ नहीं मिलने से लाभुक नाराज हो गई और 15 किलो मीटर पैदल चल कर मंत्री के आवास पहुंच गई. जहां जमकर नारेबाजी की गई.
बता दे कि चाईबासा के झींकपानी प्रखण्ड के चोया पंचायत की हजारों महिला सें 15 किलो मीटर चल कर सदर विधायक सह झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुवा के कार्यालय सरनाडीह तक पदयात्रा कर महिलाओं ने ज्ञापन दिया. मंत्री दीपक बिरुवा के नहीं रहने की अनुपस्थित रहने का कारण उनके प्रतिनिधि सुभाष बनर्जी को ज्ञापन सौंपा.
झींकपानी प्रखंड के चोयागांव के काफी संख्या में महिलाओं एवं ग्रामीणों ने सरकार के मंत्री और स्थानीय विधायक दीपक बिरुवा के आवास पर पैदल 15 किलोमीटर चलकर चाईबासा पहुंचे और उन्हें मंईयां सम्मान योजना नहीं मिलने पर और नए महिलाओं को योजना से जोड़ने की मांग की.इस पद यात्रा का नेतृत्व चाईबासा के सामाजिक नेता रमेश बालमुचू ने किया.
दरअसल मंईयां सम्मान योजना में शुरुआत में राज्य में 57 लाख महिला शामिल हुई. लेकिन बाद में टेक्निल दिक्कत और पात्रता पूरा ना करने वालों को इससे बाहर किया गया. साथ ही पिछले एक साल से नए लाभुक की इंट्री बंद कर दी गई है.जिससे नए लाभुक इस योजना में शामिल होने से वंचित हो रहे है. वहीं इस योजना से जिनकी उम्र 50 साल पूरी हो गई वह बाहर होती जा रही है.
इन सब के बीच ही बड़ी संख्या में ऐसी भी लाभुक है. जो पूरी आहर्ता रखती है. उनके दस्तावेज भी पूरे है लेकिन दो किस्त के बाद उन्हे लंबे समय से किस्त का भुगतान नहीं किया गया है. हर दिन मंईयां दफ्तर का चक्कर काट रही है. लेकिन कही से भी कोई जानकारी नहीं दी जाती.यही वजह है कि चाईबासा में अब आंदोलन का रास्ता चुना गया है.
रिपोर्ट: संतोष वर्मा
