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फाइलेरिया से रहे सचेत! यह दिव्यांगता पैदा करने वाली दूसरी सबसे बड़ी लाईलाज बीमारी

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 12:22:47 PM

धनबाद(DHANBAD): फाइलेरिया दिव्यांगता पैदा करने वाली दूसरी  सबसे बड़ी लाईलाज बीमारी है. सभी को इस बीमारी से सावधान रहने की लगातार चेतावनी दी जाती है. सरकार हो या सामाजिक संस्थाएं ,सभी यह काम करते है. धनबाद में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 10 फरवरी से 25 फरवरी तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम चलाया जाएगा.  10 फरवरी को जिले के 2248 बूथ पर 4496 दवा प्रशासक द्वारा 26 लाख से अधिक लोगों को अपने सामने दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित है.  अभियान को सफल बनाने के लिए 428 सुपरवाइजर भी क्रियाशील रखे जाएंगे.  

छूटे हुए लोगों को 11 से 25 फरवरी तक घर -घर जा कर दी जाएगी 

 छूटे हुए लोगों को 11 से 25 फरवरी तक दवा प्रशासक द्वारा घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने डीईसी एवं एल्बेंडाजोल की खुराक दी  जाएगी.  दवाई लेने के बाद यदि किसी व्यक्ति के शरीर में माइक्रो फाइलेरिया की मौजूदगी होगी तो उसे सरदर्द, बुखार होने की संभावना है. अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर शनिवार को सिविल सर्जन डॉ चंद्र भानु प्रतापन ने पत्रकार वार्ता का आयोजन कर मीडिया को बताया कि फाइलेरिया दिव्यांगता पैदा करने वाली दूसरी  सबसे बड़ी लाईलाज बीमारी है.  इसकी वजह से हाथ, पांव का फूलना और हाइड्रोसील होते है.  मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान वर्ष में एक बार डीईसी एवं एल्बेंडाजोल दवा का खुराक लेने से इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है.

संक्रमित मादा क्युलेक्स मच्छर के काटने से होती है बीमारी  
 
सिविल सर्जन ने कहा कि फाइलेरिया गंदे पानी में पनपने वाली सबसे अधिक आबादी वाले संक्रमित मादा क्युलेक्स मच्छर के काटने से होता  है.  जो मानव के पूरे जीवन काल में करोड़ों माइक्रो फाइलेरिया के रोगाणुओं को जन्म देता है.  इसलिए अभियान के दौरान सभी लोगों को दवाई का सेवन करना चाहिए. उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हेल्थ सब सेंटर, सदर अस्पताल, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल व धनबाद रेलवे स्टेशन पर लोगों को दवा खिलाई जाएगी.  1 से 2 साल तक के बच्चे को एल्बेंडाजोल की आधी गोली (200 एमजी) पानी में घोलकर, 2 से 5 वर्ष तक को डीईसी की एक गोली (100 एमजी), एल्बेंडाजोल की एक गोली (400 एमजी), 6 वर्ष से 14 वर्ष तक डीईसी की 2 गोली (200 एमजी), एल्बेंडाजोल की एक गोली, 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन गोली 300 (एमजी) एवं एल्बेंडाजोल की एक गोली. 

एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अत्यंत वृद्ध एवं गंभीर बीमार व्यक्तियों को दवा की खुराक नहीं दी जाएगी.  किसी को भी यह दवा खाली पेट सेवन नहीं करनी है.वीबीडी पदाधिकारी डॉ सुनिल कुमार ने कहा कि फाइलेरिया एक वेक्टर जनित लाइलाज तथा दूसरी सबसे बड़ी दिव्यांगता पैदा करने वाली बीमारी है.  यह जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन इसकी वजह से शरीर में विकृति पैदा होती है.  इसलिए इस रोग के बचाव के लिए एमडीएम कार्यक्रम के दौरान सभी व्यक्तियों को दवा का सेवन करना आवश्यक है. पत्रकार वार्ता में सिविल सर्जन डॉ चंद्रभानु प्रतापन, वीबीडी पदाधिकारी डॉ सुनिल कुमार, वीबीडी सलाहकार रमेश कुमार सिंह मौजूद थे. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

 

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