रांची(RANCHI): झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर के तत्कालीन बीडीओ संजय कुमार सिन्हा के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. वर्तमान में सिमडेगा में कार्यपालक दंडाधिकारी के पद पर तैनात अधिकारी को विभाग ने अंतिम चेतावनी जारी की है. उन पर महिला कर्मी के साथ दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और सरकारी पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला कर्मी पर अपने घर आने का दबाव बनाया था. इतना ही नहीं, महिला को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और अनुचित व्यवहार करने की भी शिकायत सामने आई है. मामले को गंभीर मानते हुए सरकार ने 18 जून को विभागीय जांच शुरू कर दी थी.
जांच प्रक्रिया के दौरान विभाग की ओर से आरोपी अधिकारी को लगातार नोटिस भेजे गए. जांच पदाधिकारी के मुताबिक अब तक कुल 11 नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया था. हालांकि, इतने नोटिस भेजे जाने के बावजूद अधिकारी एक बार भी जांच में शामिल नहीं हुए. इससे विभागीय जांच की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.
सरकार ने अब इस मामले में सख्ती दिखाते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी की है. विज्ञप्ति में स्पष्ट कहा गया है कि नोटिस प्रकाशित होने के सात दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी को रांची स्थित जांच अधिकारी के कार्यालय में उपस्थित होकर अपना जवाब देना होगा. विभाग ने यह भी कहा है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिकारी उपस्थित नहीं होते हैं, तो यह मान लिया जाएगा कि उन्हें अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है.
ऐसी स्थिति में विभाग एकतरफा कार्रवाई करते हुए मामले में आगे का निर्णय लेगा. सरकार के इस कड़े रुख के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है. माना जा रहा है कि यदि अधिकारी समय पर जवाब नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है.