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बासुकीनाथ श्रावणी मेला: खाद्य सुरक्षा विभाग का अलर्ट, दुकानदारों में मची हड़कंप

बासुकीनाथ श्रावणी मेला: खाद्य सुरक्षा विभाग का अलर्ट, दुकानदारों में मची हड़कंप

दुमका(DUMKA):दुमका के बासुकीनाथ धाम में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला लगता है. समय के साथ-साथ इस मेला को राजकीय मेला का दर्जा मिला. सरकार का ये प्रयास रहता है, कि यहां आनेवाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हो. इसके लिए जिला प्रसासन की ओर से महीनों पहले मेला की तैयारियां शुरू कर दी जाती है. कई दौर की बैठकों के बाद मेला को सफल बनाने का स्वरूप तैयार किया जाता है. तमाम विभागों को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी पूर्वक करने की नसीहत दी जाती है. दुकानदारों से लेकर होटल संचालकों तक को कई निर्देश दिए जाते है.

मेले में खाद्य सुरक्षा विभाग और मापतोल विभाग काफी सक्रिय

इस वर्ष भी श्रावणी मेला चल रहा है. इस वर्ष के मेले की सबसे खास बात ये है कि अन्य विभागों के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा विभाग और मापतोल विभाग काफी सक्रिय दिख रहा है. एक रिपोर्टर के रूप में 8 वर्षों से बासुकीनाथ धाम में लगने वाले राजकीय श्रावणी मेला का कवरेज कर रहा हूँ. इन 8 वर्षो में 2 वर्ष कोरोना की वजह से मेला का आयोजन नहीं हो पाया. शेष वर्षो को देखा जाए तो मेला शुरू होकर समाप्त भी हो जाता था, लेकिन शायद ही कभी इन दोनों विभागों की सक्रियता सामने आ पाती थी.

खाद्य सुरक्षा विभाग जांच कर दोषी दुकानदारों पर कर रहा कार्रवाई

 इस वर्ष मेला शुरू होते ही दोनों विभाग काफी सक्रिय नजर आ रही है. खाद्य सुरक्षा विभाग खाद्य सामग्री की जांच कर दोषी दुकानदारों पर प्रावधान के अनुरूप कार्रवाई कर रही है, तो मापतोल विभाग दुकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक तराजू और बाट की जांच करने में लगी है. काफी संख्या में दुकानदार इलेक्ट्रॉनिक तराजू में छेड़छाड़ कर वजन में हेराफेरी कर श्रद्धालुओं को चुना लगा रहे है. ये तस्वीर शुक्रवार की है, जब मापतौल विभाग में दर्जनों इलेक्ट्रॉनिक तराजू को जप्त करते हुए दुकानदारों पर आर्थिक दंड लगाया.

मापतौल विभाग में दर्जनों इलेक्ट्रॉनिक तराजू को किया जप्त

जबकि शुक्रवार को ही खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से मेला क्षेत्र में पेड़ा दुकानों में छापेमारी कर 5 हजार किलोग्राम से ज्यादा नकली खोवा और उससे निर्मित पेड़ा को जप्त करते हुए उसे नष्ट किया और संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना लगाया. इस वर्ष के मेला में इन दोनों विभागों की ना तो ये पहली कार्रवाई है, और ना ही अंतिम. क्योंकि खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अमित कुमार का कहना है कि इस तरह की कार्यवाई आगे भी जारी रहेगी.

दोनों विभाग श्रद्धालुओं की हित के लिए कर रहा काम

अधिकारी ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे है. मकशद बस एक ही है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी ना हों. सवाल उठता है कि आखिर दुकानदार इस तरह के कार्य क्यों कर रहे हैं. इसका सीधा जबाब है ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए. लेकिन कुछ दुकानदारों का ये कदम उनके लिए ही आत्मघाती साबित होगा. ये मेला हजारों लोगों की आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रसस्त करता है. लेकिन जिस तरह प्रशासनिक कार्रवाई से मिलावट और कम वजन का मामला उजागर हो रहा है.

दुकानदारों को फायदे के साथ रखना चाहिए श्रद्धालुओं का भी ख्याल

उसे देख कर श्रद्धालुओं का विश्वास यहां के दुकानदारों से उठते देर नहीं लगेगी. क्योंकि कुछ दुकानदार उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है, और इतिहास गवाह है कि धार्मिक भावना के साथ खिलवाड़ ही 1857 की क्रांति का तात्कालिक की वजह बना था. कुछ दुकानदारों की वजह से अगर श्रद्धालु बासुकीनाथ में सामानों की खरीददारी ना करेंगे, तो इन दुकानदारों का क्या होगा ये तमाम दुकानदारों को सोचना होगा. बढ़ती महंगाई की वजह से अगर दुकानदारों को बचत नहीं हो रही है, तो उसका भी समाधान है. मेला शुरू होने के पूर्व ही प्रशासन की ओर से दुकानदारों के साथ बैठक कर कीमत निर्धारित की जाती है.

नहीं सुधरे दुकानदार, तो टूट जायेगा श्रद्धालुओं का विश्वास

समय के साथ-साथ कीमत में इजाफा भी होता है, इसके बाबजूद अगर दुकानदारों को बचत नहीं होती है, तो दर निर्धारण के समय ही प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए. इसलिए जरूरत है बासुकीनाथ धाम में लगने वाले मेला की विश्वसनीयता को बरकरार रखने की ताकि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ भी ना हो और हजारों दुकानदारों की आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रसस्त हो सके.

रिपोर्ट-पंचम झा

Published at:15 Jul 2023 02:26 PM (IST)
Tags:Basukinath Shravani Fair: Food Safety Department's alertknow how there was a stir among the shopkeepersBasukinath Shravani FairBasukinathShravani FairFood Safety DepartmentFood SafetyDepartment'alertstir among the shopkeepersJHARKHANDDUMKABABA BASHUKINATH
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