tnp desk: बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी के पीए हत्या मामले में बिहार और यूपी से बंगाल पुलिस को बड़ी सफलता मिलने की बात कही जा रही है. बंगाल पुलिस ने बिहार और उत्तर प्रदेश से चार "शूटरों" को हिरासत में लिया है. जानकारी के अनुसार उन्हें कोलकाता लाया गया है. उनसे पूछताछ की गई है. सूत्रों के अनुसार चार "शूटरों" को उत्तर प्रदेश और बिहार से उठाया गया है. बंगाल पुलिस की विशेष टीम ने इन्हें हिरासत में लिया है. जैसा कि बताया जाता है 10 मई को बिहार के बक्सर से दो और उत्तर प्रदेश के बलिया से एक हिरासत में लिया गया . पूछताछ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है. यह भी सूचना मिल रही है कि बंगाल पुलिस ने बिहार के बक्सर में छापेमारी कर एक और को भी हिरासत में लिया है. उसके खिलाफ बक्सर जिले के विभिन्न स्थानों में कई मुकदमे दर्ज है.
6 मई की रात "शार्प शूटरों" ने कर दी थी हत्या
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद 6 मई की रात को मध्य ग्राम में शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उन पर चार गोलियां चलाई गई थी. चंद्रनाथ रथ के सीने और हाथ में गोली लगी थी. बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि टोल प्लाजा पर यूपीआई के जरिए भुगतान किया गया था. पुलिस टीम ने इस डिजिटल लेनदेन के सुराग के आधार पर तलाशी शुरू की और इसी सुराग के आधार पर पुलिस उत्तर प्रदेश और बिहार पहुंची थी. सूत्रों के अनुसार अपराधियों ने पहचान छुपाने के लिए बंगाल की सीमा में घुसते ही कार का असली नंबर प्लेट बदल दिया था. लेकिन एक टोल प्लाजा पार करते समय, उन्होंने एक पहचान छोड़ दी थी . अपराधियों ने फास्ट ट्रैक या कैश के बजाय यूपीआई से पेमेंट किया था .
डिजिटल ट्रांजेक्शन से बंगाल पुलिस को मिली सफलता
यह डिजिटल ट्रांजेक्शन पुलिस के लिए कड़ी बन गई है. सूत्रों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध कार दोपहर 3:00 बजे मध्य ग्राम क्रॉसिंग पर देखी गई थी. उससे पहले उसे बेलदरिया एक्सप्रेस वे पर भी देखा गया था. इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला . पुलिस यह मानकर चल रही है कि इस दौरान कातिल शहर की सकरी गलियों और कम रोशनी वाली सड़कों की रेकी कर रहे थे. जहां से उन्हें भागना आसान हो सकता था. आशंका व्यक्त की जा रही है कि हमलावरों को सटीक जानकारी थी कि चंद्रनाथ रथ अपनी महिंद्र स्कॉर्पियो की अगली सीट पर बैठे हैं. एक गाड़ी ने उनकी गाड़ी को रोका और पीछे से आए बाइक सवार अपराधियों ने नजदीक से गोलियां बरसा दी. हत्या के बाद हमलावर गाड़ी और बाइक से फरार हो गए थे. यह सब एक मिनट के भीतर ही हुआ. ऐसा माना जा रहा है कि इस हत्याकांड में कई लोग शामिल रहे होंगें।