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दुखद : बगोदर के मजदूर की राजस्थान में मौत, टाटा पाॅवर कंपनी में था कार्यरत

BY -
Ranjana Kumari
Ranjana Kumari
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 14, 2026, 5:11:05 PM

गिरिडीह(GIRIDIH): प्रवासी मजदूरों की मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है. इसी क्रम में गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत घाघरा के मजदूर की राजस्थान में गुरुवार को काम के दौरान ट्रेन से कटकर मौत हो गयी. जानकारी के मुताबिक़ बताया जा रहा है कि बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत घाघरा निवासी स्वर्गीय हीरामन महतो के 40 वर्षीय पुत्र धानेश्वर महतो की राजस्थान में रेलवे लाइन का काम के दौरान ट्रेन से कटकर मौत हो गयी. मौत की सूचना मिलते ही परिजन सकते में है, तो वहीं गांव वाले भी शोक में हैं. घटना के कारणों के बारे में अभी तक कोई पूरी जानकारी नहीं मिल सकी है. मृतक धानेश्वर महतो राजस्थान में टाटा पाॅवर कंपनी में कार्यरत था.

रोजी-रोटी की तलाश में परदेस गये प्रवासी झारखंडी मजदूरों की मौत का सिलसिला जारी 

वहीं इस घटना को लेकर प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली ने संवेदना प्रकट करते हुए करते हुए कहा कि झारखंड के नौजवानों की मौत के मुंह में समा जाने की यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी कई लोगों की मौत हो चुकी है. रोजी-रोटी की तलाश में परदेस गये प्रवासी झारखंडी मजदूरों की मौत का सिलसिला जारी है. हर रोज झारखंड के किसी न किसी इलाके से प्रवासी मजदूर की दूसरे राज्यों या विदेश में मौत की खबरें आ रही है. प्रवासी मजदूरों की सबसे ज्यादा तादाद गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिले से रोजी-रोटी कमाने गये लोगों की है. अपना घर छोड़कर परदेस गये इन मजदूरों की जिंदगी तो कष्ट में बीतती ही है, मौत के बाद भी उनकी रूह को चैन नसीब नहीं होता है. किसी की लाश हफ्ते भर बाद आती है, तो किसी को 3 महीने भी लग जाते हैं. ऐसे में सरकार को रोज़गार की ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे मजदूरो का पलायन रोका जा सके.

Tags:Jharkhand labour deathDeath in rajshthanTata worker

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