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बाघमारा कांड: कारू यादव को "पाताल " से भी खोज निकालने को झारखंड से लेकर बिहार तक छापेमारी, पढ़िए क्यों हुई सातवीं एफआईआर

BY -
Samiksha Singh
Samiksha Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 13, 2026, 2:54:51 AM

धनबाद(DHANBAD): कोयले की अवैध कारोबार से "धनपशु" बने कारू यादव की तलाश में पुलिस झारखंड से लेकर बिहार तक छापेमारी कर रही है. उसके पैतृक गांव नवादा तक पुलिस पहुंची. लेकिन वह वहां भी नहीं मिला. वैसे पुलिस इस मामले में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है. संपत्ति खंगाल रही है.पूरे नेटवर्क का पता लगा रही है.अब तक इस मामले में सात एफआईआर दर्ज की गई है.

कारू यादव की गिरफ्तारी के लिए कई टीम का किया गया गठन 

पुलिस ने कारू यादव के एक संबंधी के घर छापेमारी की तो बम बरामद किए गए है. धारदार हथियार भी बरामद हुए है. पुलिस ने उस घर की महिला सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है .महिला सदस्य का नाम रिंकू देवी बताया गया है. यह भी पुलिस को पता चला है कि आकाश कोठी में कारू यादव कोयल का अवैध डिपो बना रखा था. वहां लगभग 700 टन कोयला पुलिस को मिला है. हाईवा लगाकर पुलिस कोयले को जब्त कर रही है. कारू यादव की गिरफ्तारी के लिए कई टीम का गठन किया गया है. हिल टॉप राइजिंग आउटसोर्सिंग में हुए विवाद और डीएसपी के घायल होने के बाद आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा पूरी तरह से कस गया है. पुलिस  इस बार कारू यादव और उसके समर्थकों के खिलाफ तेज कार्रवाई कर रही है. यह भी पता चला है कि कारू यादव और उसके संबंधियों के अलावा उसके पोषक लोगों की संपत्ति पर भी पुलिस की नजर है. बैंक खातों की डिटेल लिए जा रहे हैं .जमीन की नापी कराई जा रही है.

सातवीं प्राथमिकी  घर में बम और हथियार बरामद होने के बाद की गई

इधर, यह भी पता चला है कि पुलिस और सीआईएसएफ ने फुलारीटांड आशाकोठी खटाल से  रविवार को भी भारी मात्रा में अवैध कोयला जब्त किया है. रविवार को जेसीबी और हाईवा लगाकर कोयले का उठाव किया गया है. लगभग 8 घंटे तक कोयले का उठाव किया गया. कोयले को उठाकर बीसीसीएल के साइडिंग में जमा कराया जा रहा है. इसके पहले पुलिस ने 6 प्राथमिकी  दर्ज की थी. सातवीं प्राथमिकी  घर में बम और हथियार बरामद होने के बाद की गई है. बोकारो से भी आरोपियों में से एक को पकड़ा गया है .पुलिस कारू यादव की संपत्ति के अलावे इस बात की भी जांच कर रही है कि इलाके के किस-किस बड़े नेता के साथ कारू यादव का कोयले के अवैध धंधे में अघोषित समझौता था. कारू यादव का इलाके में इतना दबदबा था कि पुलिस भी आशा कोठी जाने में हिचकिचाती थी .यही वजह है कि पुलिस भारी बंदोबस्त के बीच आकाश कोठी पहुंच रही है. और ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है.

इधर, यह भी पता चला है कि गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने धनबाद के उपायुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि  एमडीओ के तहत होने वाले हिल टॉप राइजिंग आउटसोर्सिंग का काम  सभी नियमों को पूरा किया बिना शुरू नहीं करने दिया जाए .जो भी हो लेकिन पुलिस इस बार सख्त रुख अपनाए हुए हैं. नतीजा है कि आशा कोठी के सभी दबंग इलाका छोड़ दिए हैं. पहली बार उन्हें पुलिस का भय दिख रहा है. यह अलग बात है कि कतरास और बाघमारा इलाका अवैध कोयला खनन के लिए कुख्यात रहा है. अवैध  कोयला खनन की बदौलत अकूत संपत्ति के मालिक बन गए हैं .लोकल मजदूरों से कोयले का अवैध खनन कराने के बजाएं बिहार से मजदूरों को लाकर कोयला खनन कराया जाता है .अब तक इस मामले में तीन थानेदार निलंबित किए जा चुके हैं. कुछ थानेदार अभी लाइन में है. उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है.

कारू यादव मामले में जांच आगे बढ़ेगी तो कई सफेदपोश भी आ सकते  हैं घेरे में 

कतरास, बाघमारा इलाके के छोटे बड़े नेता भी पुलिस के निशाने पर हैं .सवाल उठता है कि आखिर किनके दबाव में पुलिस ने कारू यादव को "धन पशु "बनने की छूट दी .डीएसपी के घायल होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और उन्होंने सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया .उत्तरी छोटा नागपुर रेंज के बड़े पुलिस अधिकारी कई दिनों तक धनबाद में कैंप किए और कार्रवाई का निर्देश दिया. अब पुलिस की नजर जब कारू यादव की संपत्ति पर गई है, तो लगता है कि यह मामला दूसरी एजेंसियों के हाथ में भी जा सकता है. और जब जांच आगे बढ़ेगी तो कई सफेदपोश भी घेरे में आ सकते हैं. यह कहना गलत नहीं होगा कि अवैध कोयले का कारोबार यहां की राजनीति को भी खाद पानी देता है और यही वजह है कि आज इलाके में माफिया की भरमार हो गई है. मधुबन की घटना को आधार बनाकर पुलिस कोयलांचल के अन्य जगहों पर पैदा हुए माफिया का सिर कुचलती है अथवा नहीं, यह देखने वाली बात होगी. पुलिस पर चौतरफा दबाव है. यह कहना भी गलत नहीं होगा कि कोयलांचल अवैध कोयला कारोबार में इतिहास रच दिया है. अब इस आरोप से मुक्त करने की पुलिस की बारी है.

रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 

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