पलामू(PALAMU): सोमवार को तेतरिया मोड़ पर एक बुजुर्ग को गोली मरने के बाद ग्रामीणों की पिटाई से हैदरनगर के तीन युवकों की मौत मामले में तीनो को भाई बिगहा स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया. मृतकों के जनाजे की नमाज में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. उन्होंने जनाजे की नमाज के बाद मिट्टी दी. इस मौके पर पूर्व विधायक संजय कुमार सिंह यादव ने कब्रिस्तान पहुंच कर घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी. वहीं जनाजे में शामिल मुसलमानों ने तेतरिया मोड़ की घटना की बिहार सरकार से जांच कराने की मांग की है. तीनो के जनाजा की नमाज मौलाना अहमद अली खान रजवी ने पढ़ाई.
मालूम हो की बिहार के औरंगाबाद जिला के तेतरिया मोड़ में सोमवार को एक बुजुर्ग की गोली लगने से मौत के बाद भड़की भिड़ ने कार सवार हैदरनगर के पांच युवकों की जमकर पिटाई की. पिटाई से तीन युवकों अरमान अहमद 26, मुजाहिद राइन 28 व चमन मंसूरी 26 वर्षीय की मौत हो गई थी.जबकि दो घायल युवकों अंजीत शर्मा व वकील अंसारी का इलाज मगध मेडिकल अस्पताल गया में चल रहा है. इसमें वकील अंसारी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. वकील के पिता ने दूरभाष पर बताया कि अंजीत शर्मा की स्थिति खतरे से बाहर है. जबकि वकील अभी तक बोल नहीं पा रहा है. युवकों के घरों में कोहराम है.
मृतक अरमान अहमद घर में इकलौता कमाने वाला था. वह पलंबर का काम करता था. साथ ही उसकी पेंट की दुकान भी है. इसके दो अन्य छोटे भाई भी हैं. अरमान के भाई दानिश अहमद ने बताया कि उनका भाई पेंट दुकान में बैठा था. दोपहर करीब दो बजे वकील कार लेकर आया और बोला की चलो घूम कर आते हैं. इसके बाद उनकी मौत की खबर मिली. पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी है. मुजाहिद राइन के चार और भाई हैं. मुजाहिद अलमुनियम गेट ग्रील का काम करता था. उसके पिता सैयद राइन ने बताया कि सोमवार दोपहर उसने एक सौ रुपया मांग कर बोला की वह डेहरी ऑन सोन दोस्तों के साथ जा रहा है. शाम तक घर लौट जायेगा.
उन्हे भी शाम करीब चार बजे घटना की जानकारी मिली. उन्होंने बताया कि मुजाहिद कभी गलत संगति में नहीं रहता था. वह कमा कर घर चलाता था. चमन मंसूरी की पांच बहने हैं. चार की शादी हो चुकी है. एक बहन है. माता पिता की मृत्यु बचपन में ही हो गई है. चमन के चाचा अजहर मंसूरी ने बताया कि चमन रोज पर चार पहिया वाहन चलाने के अलावा वाटर प्यूरीफाई मशीन की मरम्मत का काम करता था. उन्होंने बताया कि वह बतौर ड्राइवर वकील की गाड़ी चलाने गया था. उन्हे भी शाम चार बजे घटना की सूचना मिली तो उन्हे विश्वाश ही नहीं हुआ. उन्होंने अन्य जगहों से जानकारी लेने के बाद औरंगाबाद में रिश्तेदारों को सूचना देकर सदर अस्पताल भेजा. तीनो के शवों का देर रात अंत्यपरीक्षण होने के बाद शव स्वजनों को सौंप दिया गया. तीनो के स्वजन शव लेकर एंबुलेंस से रात्रि दो बजे हैदारनगर पहुंचे. सभी शवों को मंगलवार को भाई बिगहा कब्रिस्तान ने सुपुर्द ए खाक कर दिया गया है
