✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

पशु शेड की स्वीकृति के लिए सहायक अभियंता पर रिश्वत लेने का आरोप, जानें डीआरडीए डायरेक्टर ने क्या लिया एक्शन  

BY -
Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 6:07:29 AM

दुमका(DUMKA): सरकार गरीबों के लिए योजनाएं चलाती है, ताकि जरूरतमंद योजना का लाभ लेकर अपनी आर्थिक उन्नति कर सके।, लेकिन लाभुकों को योजना का लाभ लेने के लिए साहेब के दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ते है या साहेब चढ़ावा चढ़ाना पड़ता है. वर्षों तक काम पेंडिंग ही रह जाता है. ऐसा ही एक मामला बुधवार के दिन दुमका जिला के शिकारीपाड़ा प्रखंड से सामने आया है. जहां पशु शेड के नाम पर सहायक अभियंता की ओर से रिश्वत मांगने का आरोप रहमान मियां नाम के एक लाभुक ने लगाया. जिसके बाद जांच के लिए डीआरडीए निदेशक जावेद ईदरसी स्थल पर पहुंचे.

पशु शेड की स्वीकृति के लिए सहायक अभियंता पर रिश्वत लेने का आरोप

आपको बताये कि शिकारीपाड़ा प्रखंड के खाडूकदमा पंचायत के जामबाद निवासी रहमान मियां ने डीसी को एक आवेदन दिया. जिसमे पशु शेड के नाम पर सहायक अभियंता की ओर से रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है. आरोप है कि मनरेगा से निर्मित होने वाले 2 गाय शेड और एक बकरी शेड के लिए मनरेगा के सहायक अभियंता ने प्रति यूनिट 3 हजार अर्थात कुल 9 हजार रुपए बतौर रिश्वत की मांग की गई. लाभुक ने एक हजार रुपये एडवांस भी दिया. आरोप है कि एक हजार मिलने पर सहायक अभियंता ने कागजात पर दस्तखत तो कर दिए लेकिन शेष राशि नहीं मिलने की वजह से कागजात को ऑनलाइन नहीं किया गया. जिसकी वजह से लगभग एक साल बीतने के बाबजूद काम नहीं हो पाया.

मामले पर डीआरडीए डायरेक्टर ने क्या लिया एक्शन

वहीं मामले के सामने आते ही डीसी ए दोड्डे ने मामले को गंभीरता से लिया और पूरे मामले की जांच का निर्देश डीआरडीए डायरेक्टर को दिया. डीसी के निर्देश पर डीआरडीए डायरेक्टर बुधवार को जामबाद गांव पहुंचे और शिकायतकर्ता रहमान का बयान लिया. इसके साथ ही मामले की जांच की. उन्होंने कहा कि सहायक अभियंता का भी पक्ष लिया जाएगा. एक समेकित रिपोर्ट बनाकर डीसी को समर्पित किया जाएगा. रिपोर्ट के आधार पर दोषी के खिलाफ सख्त कार्यवाई की जाएगी.

पूरे राज्य में मनरेगा योजना का यही है हाल

शिकारीपाड़ा के रहमान का मामला तो एक बानगी मात्र है. कमोबेश मनरेगा योजना का यही हाल पूरे राज्य में है. दुमका जिला में तो इस तरह के कई उदाहरण है. कल ही जिला कोर्ट ने जामा प्रखंड में मनरेगा की राशि गबन मामले में 16 बर्षो बाद बिचौलिया रामजीवन राउत को दो वर्ष की सजा सुनाई है, जबकि इसी मामले के आरोपी कनीय अभियंता राजकिशोर राय को 16 वर्षों में भी पुलिस नहीं खोज पाई है. इसके अलावे कई मामले कोर्ट में विचाराधीन है. अगर पूरे जिले में मनरेगा योजना की जांच हो, तो कई लोग सलाखों के पीछे होंगे.

रिपोर्ट-पंचम झा

Tags:Assistant engineer accused of taking bribe for approval of animal shedknow what action DRDA director took on the matterAssistant engineerbribe for approval of animal shedDRDAdirector took on the matter

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.