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सांसद और विधायक से अशोक सिंह का सवाल -सत्याग्रह में तो आये नहीं और कस  रहे हैं  तंज 

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 13, 2026, 2:16:57 PM

धनबाद(DHANBAD) | धनबाद की गिरती विधि -व्यवस्था के लिए सत्याग्रह आंदोलन हुआ था.  उसके बाद भाजपा की जन आक्रोश रैली हुई थी.  भाजपा की रैली में सत्याग्रह आंदोलन को निशाने पर लिया गया था.  कांग्रेस के लोगों को टारगेट में रखा गया था. विधायक और सांसद ने कांग्रेस  को लेकर वह सब कुछ कहा ,जो उन्हें नहीं कहना चाहिए था. इस सिलसिले में पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के  प्रदेश अध्यक्ष एवं वरीय  कांग्रेस नेता अशोक कुमार सिंह का कहना है कि जन आक्रोश  रैली में भाजपा के विधायक राज सिन्हा  को जनता के मुद्दे पर बोलने के लिए कुछ था ही नहीं.  विधायक को सत्याग्रह आंदोलन में कांग्रेस का  समर्थन नागवार गुजरा.  उन्होंने सवाल पूछा है कि कृष्णा  अग्रवाल ने विधायक और सांसद दोनों को निमंत्रित किया था. 

मौजूदगी आखिर क्यों नागवार गुजरी 

 जनप्रतिनिधि होने के नाते उन दोनों को चाहिए तो यह था कि अपना जन आक्रोश  रैली निकालते  लेकिन सत्याग्रह आंदोलन में भी सम्मिलित होते.  फिर कुछ कहते तो सुनने में भी अच्छा लगता.  उन्होंने कहा है  कि कांग्रेस संस्कारों की पार्टी है और कांग्रेस पार्टी का  यह संस्कार है कि अगर सरकार में कुछ गलत हो रहा है, तो उस ओर  सरकार का ध्यान खींचे.  सरकार तो सब जगह जाकर आंखों से देख नहीं सकती है.  सरकार के ध्यान में सारी बातें लानी होती है.  इसी फर्ज का निर्वहन करते हुए धनबाद की गिरती विधि -व्यवस्था के खिलाफ के आंदोलन में शरीक  हुआ था.  धनबाद के लिए कानून- व्यवस्था अहम मुद्दा है, जो काम विपक्ष की हैसियत से विधायक जी को करना चाहिए था, वह काम  एक सामाजिक कार्यकर्ता कर रहा था.  ऐसे में उसका मनोबल बढ़ाने के लिए विधायक को भी आना चाहिए था. 

सांसद पर दिखने लगा है उम्र का असर 
 
इसके अलावे अशोक कुमार सिंह ने कहा कि सत्याग्रह आंदोलन के पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह बात कही थी कि जिस तरह झारखंड सरकार स्वर्गीय जगरनाथ  महतो के खिलाफ दर्ज मामले को वापस ले रही है, ऐसी  तरह  मटकुरिया  गोलीकांड में भी पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक  के खिलाफ दर्ज मामले को वापस लेना चाहिए.  इस मामले में 30 - 35 आरोपी है.  जिनमें कई का देहांत हो चुका है.  पूर्व मंत्री ओ पी  लाल भी इसमें आरोपी थे, जिनका स्वर्गवास हो गया है.  उदय कुमार सिंह का भी स्वर्गवास हो गया है.  नीरज सिंह का भी स्वर्गवास हो गया है.  मटकुरिया गोलीकांड जनता की भावनाओं का आंदोलन था.  यह  किसी का व्यक्तिगत मामला नहीं था.  जिस समय यह घटना घटी, उस समय  पशुपति बाबू धनबाद के सांसद थे.  लेकिन घटना के दूसरे दिन ही धनबाद के  लोगों के आंसू पोंछने  के बजाय वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए.  अशोक कुमार सिंह का आरोप है कि धनबाद पर जब-जब संकट आता है, सांसद दिल्ली कूच  कर जाते है.  जनता के लाभ हानि से उनका कोई मतलब नहीं है.  जन आक्रोश रैली में उनकी बोली सुनकर ऐसा लगता है कि अब उम्र उन पर हावी हो गई  है.

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो

Tags:dhanbadtanjsawalashok singhyatra

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