जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): 12 अप्रैल 2021...यह तारीख शहर के इतिहास में एक काले दिन के रूप में दर्ज है. आज भी जब लोग उस भयावह घटना को याद करते हैं, तो रूह कांप उठती है. कदमा निवासी टाटा स्टील के अग्निशमन विभाग के कर्मचारी दीपक ने अपनी ही पत्नी, दो मासूम बेटियों और ट्यूशन शिक्षिका की बेरहमी से हत्या कर दी थी. इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे शहर को गहरे शोक और स्तब्धता में डुबो दिया था. छह साल बीत जाने के बाद भी इस घटना के जख्म ताजा हैं. मृतकों की मासूमियत और उनकी दर्दनाक मौत को याद कर आज भी लोगों की आंखें नम हो जाती हैं. लोग अब भी यही सवाल करते हैं कि आखिर कोई पिता और पति इतना निर्दयी कैसे बन सकता है. इस जघन्य अपराध के पीछे की असली वजह आज भी पूरी तरह सामने नहीं आ सकी है. आज शहर उन मासूम आत्माओं को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है.
पूरा मामला जानिए क्या है
कदमा तिस्ता रोड क्वार्टर नंबर 99 में रहने वाले दीपक कुमार ने अपनी पत्नी वीणा कुमारी, दो बेटियां श्रावणी, शानवी और ट्यूशन टीचर की हत्या की थी. दूसरे दिन घर पहुंचे रिश्तेदारों पर भी उसने हमला किया था. पत्नी और दो बेटियों की लाश एक कमरे में मिली थी. ट्यूशन शिक्षिका का शव पलंग के बॉक्स में मिला था. पत्नी और बेटियों की हत्या उसने हथौड़ा से किया था. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि वेब सीरीज पाताल लोक प्रेरित होकर उसने हत्याएं हथौड़े से की थी. वह पाताल लोक वेब सीरीज काफी देखा था. इसमें हथौड़ा त्यागी का एक कैरेक्टर था जो हथौड़े से हत्याएं करता था. पुलिस ने जब घर की तलाशी ली तो पत्नी, 2 बेटी की लाश एक कमरे में मिली, जबकि ट्यूशन शिक्षिका का शव दूसरे कमरे में मिला था. आरोपी को पुलिस ने धनबाद से गिरफ्तार किया था.
पलंग के बॉक्स में छुपाया था शिक्षिका का शव
घटना के दौरान जब छोटी बेटी को पढ़ाने ट्यूशन शिक्षिका घर पहुंचीं, तो आरोपी ने उन्हें चाकू दिखाकर डराया. स्कूटी की मांग करते हुए शाम तक कमरे में चुप रहने की धमकी दी. भय के बावजूद शिक्षिका ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाने की कोशिश की. हालात बिगड़ते देख वह भागते-भागते उस कमरे तक पहुंच गईं, जहां पहले से ही पत्नी और दोनों बेटियों के शव पड़े थे. सच्चाई सामने आने के डर से आरोपी ने शिक्षिका को काबू में कर लिया. उसने उनके हाथ बांध दिए और मुंह बंद कर दिया. इसके बाद उसने बेरहमी से उनकी हत्या कर दी. हत्या करने के बाद उसके साथ गलत भी आरोपी ने किया था. फिर लाश को पलंग के बॉक्स में छिपा दिया था. यह पूरी घटना क्रूरता और हैवानियत की ऐसी मिसाल बन गई, जिसने हर सुनने वाले को अंदर तक झकझोर दिया.