दुमका(DUMKA):संताल परगना मोटर मजदूर संघ सहित विभिन्न संगठनों के आह्वान पर मंगलवार को दुमका बस स्टैंड से बसों का परिचालन पूरी तरह ठप्प रहा.सुबह से एक भी बस नहीं खुलने के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
बस स्टैंड की दुकानें भी रहीं बंद
बंद के समर्थन में बस स्टैंड परिसर की तमाम दुकानें भी बंद रही. बंद समर्थक बस स्टैंड के प्रवेश द्वार पर बैठकर विरोध जताते रहे, जिससे पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा रहा.
15 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं, बढ़ा आक्रोश
संताल परगना मोटर मजदूर संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह पर हुए जानलेवा हमले के 15 दिन बीत जाने के बावजूद अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने से मजदूरों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
घायल अरुण सिंह ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अब तक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होना बेहद गंभीर बात है उन्होंने यह भी कहा कि ओम ट्रेवल्स का मालिक पहले ही दुमका से अपना कारोबार समेट कर बंगलुरू शिफ्ट कर चुका है.
24 फरवरी को डीआईजी कार्यालय के सामने हुई थी फायरिंग
ज्ञात हो कि 24 फरवरी को डीआईजी कार्यालय के सामने बाइक सवार अपराधियों ने अरुण सिंह को गोली मारकर घायल कर दिया था.इलाज के लिए उन्हें दुर्गापुर ले जाया गया था, जहां से उपचार कराकर वे लौट चुके हैं। घटना के इतने दिन बाद भी अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिससे लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है
अचानक बंद का विरोध करने पहुंचे बस मालिक
जब बंद समर्थक प्रवेश द्वार पर बैठे थे, उसी समय शिव शक्ति बस मालिक संजय चौधरी बस स्टैंड पहुंचे और बंदी का विरोध करने लगे.उनका आरोप है कि बस कर्मी के साथ मार पीट क्यों की गई? काफी देर तक मान मनव्वल का दौर चलता रहा.तब जाकर हालात सामान्य हुआ.
रिपोर्ट-पंचम झा
