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बिहार के साथ ही झारखंड में भी अति पिछड़ों पर भाजपा की नजर, भारत रत्न की घोषणा के साथ कर्पूरी जयंती पर सक्रियता तेज

बिहार के साथ ही झारखंड में भी अति पिछड़ों पर भाजपा की नजर, भारत रत्न की घोषणा के साथ कर्पूरी जयंती पर सक्रियता तेज

रांची(RANCHI): आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती है. उनके 100वीं जयंती पर केंद्र सरकार ने मरणोपरांत भारत रत्न देने की घोषणा की है. इस घोषणा के साथ ही बीजेपी की नजर बिहार के साथ-साथ झारखंड में भी अति पिछड़ों पर है. भारत रत्न की घोषणा के बाद बीजेपी ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है. लोकसभा चुनाव 2024  से पहले मोदी सरकार के घोषणा को बीजेपी मास्टर स्ट्रोक मान रही है. कर्पूरी ठाकुर के बहाने बीजेपी बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में भी बड़ा अभियान शुरू कर सकती है. पहले भी नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी ने विपक्ष के प्रतीकों को अपने पाले में करने की सफल राजनीति की है. ऐसे में बीजेपी ने एक फैसले से दो शिकार किए हैं और मंडल-कमंडल दोनों कार्ड को अपने पाले में करने की कोशिश की है.

बीजेपी ने पिछड़ों की राजनीति में लगाई सेंध

पिछले कुछ दिनों से बिहार में पिछड़े की राजनीति जोरों पर है. बीजेपी के हिंदुत्व और राम मंदिर फैक्टर से मुकाबले के लिए नीतीश कुमार ने बिहार में जाति जगनणना का कार्ड खेला. महागठबंधन सरकार ने न सिर्फ जाति जनगणना के आंकड़े जारी किए बल्कि इसके बाद पिछड़ों के लिए आरक्षण की सीमा भी बढ़ाई. वहीं, बुधवार को जेडीयू की रैली में कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने की मांग भी अजेंडे में था. बीजेपी को पता था कि आरजेडी के मुस्लिम और यादव वोट समीकरण और साथ में नीतीश कुमार के पिछड़े वोट के सियासी गणित को हराना इतना आसान नहीं है. ऐसे में कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने के साथ ही बीजेपी ने पिछड़ों की राजनीति और नीतीश के वोट में सेंध लगाने की कोशिश है. सरकारी सूत्रों ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देकर सामाजिक न्याय को बड़ी मान्यता दी गई है.

बाबूलाल मरांडी ने कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन 

100वीं जयंती पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज समस्तीपुर में स्थित कर्पूरी ठाकुर के पैतृक गांव पितौझिया पहुंचे. जहां स्मृति भवन में आयोजित सर्व धर्म सभा में शामिल हुए. वहीं बिहार से अलग हुए झारखंड में भी कर्पूरी जयंती मनाई जा रही है. झारखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और हटिया विधायक नवीन जायसवाल सहित बीजेपी के कई नेता व कार्यकर्ताओं ने रांची के हिनू चौक पर कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. इस अवसर पर कई नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

जनसेवा के प्रति समर्पित रहा कर्पूरी ठाकुर का संपूर्ण जीवन: बाबूलाल मरांडी

मौके पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करने के निर्णय से अत्यंत प्रसन्नता हुई है. सादा जीवन, उच्च विचार को आत्मसात करने वाले कर्पूरी ठाकुर का संपूर्ण जीवन जनसेवा के प्रति समर्पित रहा. सार्वजनिक तथा सामाजिक रूप से सेवा कार्य में जुटे लोगों के लिए कर्पूरी ठाकुर का जीवन प्रेरणा स्रोत है. बाबूलाल मरांडी ने जननायक कर्पूरी ठाकुर को सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया. उन्होंने कहा कि समाज के दलित, शोषित, पिछड़े वर्ग के हक की लड़ाई लड़नेवाले जननेता कर्पूरी ठाकुर को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने का फैसला सराहनीय है।

भारत रत्न सम्मान के असली हकदार हैं कर्पूरी ठाकुर: इंदर सिंह नामधारी

झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर भारत रत्न सम्मान के असली हकदार हैं. यह सम्मान एक सही हस्ती को मिला है. उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर के साथ विधानसभा में अक्सर बैठने का मौका मिलता था. उनका पिछड़े वर्ग व गरीबों के प्रति खास ध्यान रहता था, जो वास्तव में प्रशंसनीय है. कर्पूरी ठाकुर को गरीब जनता को आकर्षित करने में महारथ हासिल थी. मेरे बहुत से कार्यक्रम उनके साथ हुए हैं. एक मंच से भाषण भी दिये हैं. मैंने उन्हें विपक्ष के नेता के रूप में देखा. जब विधानसभा का सत्र शुरू होता था, तो वे दूसरी पार्टी के नेताओं को अपने चेंबर में बुलाते थे. सरकार से क्या मांग करनी है, इसकी योजना बनाते थे. उस दौरान मैं भाजपा विधायक दल का नेता था. हमें उनसे बहुत कुछ सीखने का मौका मिला. वे हमको बहुत मानते थे. 

कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिया जाना, समाज के अंतिम व्यक्ति का सम्मान है: संजय सेठ

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न का सम्मान मिलने पर सांसद संजय सेठ ने प्रसन्नता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि गरीबों के ठाकुर के नाम से मशहूर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिया जाना, समाज के अंतिम व्यक्ति का सम्मान है. यह सम्मान उन सबके लिए भी है, जो पिछड़ों और शोषितों के उत्थान के लिए सामाजिक और राजनीतिक रूप से कार्य कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न का सम्मान देकर समाज के हर उस व्यक्ति का सम्मान किया है, जो समाज के गरीब शोषित और पिछड़े वर्ग के लिए कार्य करते हैं. यह बिहार झारखंड समेत पूरे देश के हर सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता के लिए गौरव की बात है. 

राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने स्वागत किया

राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा ने भारत सरकार द्वारा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की घोषणा का स्वागत किया है. प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि मोर्चा लंबे अरसे से जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने की मांग करता रहा है. केंद्र सरकार ने पिछड़ों का मान बढ़ाया है.

 रिपोर्ट: संजीव ठाकुर  

Published at:24 Jan 2024 03:13 PM (IST)
Tags:jharkhand newsFormer Chief Minister Jannayak Karpuri Thakurbirth anniversary of karpoori thakurBharat RatnaKarpuri Jayantikarpuri thakurbabulal marandibjp jharkhand
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