देवघर (DEOGHAR): गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है. इन्होंने दावा किया है कि पिछले 2 से 3 साल में नीचे से लेकर ऊपर बैठे अधिकारियों की मिलीभगत से मनरेगा में बड़ा घोटाला हुआ है. बिना काम के करोड़ो रूपये राशि का गबन किया गया है. इसकी जांच के लिए वो सीबीआई और ed को लिखने वाले हैं. सांसद स्थानीय स्तर पर केंद्र प्रायोजित योजना के निगरानी समिति के अध्यक्ष होते हैं. सांसद ने दुमका दौरा से लौटने के बाद देवघर स्थित अपने आवास पर यह जानकारी मीडिया को दी है.
आमजनता के विकास के काम में खर्च करने वाले पैसों का हुआ आवंटन
दरअसल, दुमका में हुए पेट्रोल कांड के पीड़ित परिजन से मिलने जाते हुए, इन्होंने दुमका से सटा देवघर जिला के सोनाराय ठाढ़ी प्रखंड के ठाढ़ी लपरा पंचायत में चल रही केंद्रीय योजनाओं का निरीक्षण करने पहुंच गए. हालांकि सांसद ने निरीक्षण करने के लिए किसी आधिकारिक स्तर पर इसकी कोई सूचना नहीं दी थी. लेकिन प्रखंड विकास पदाधिकारी को जानकारी दी और चले गए योजनाओं की जांच करने. इनके साथ जांच के वक़्त झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री और वर्तमान सारठ विधायक रंधीर सिंह भी मौजूद रहे. सांसद द्वारा चल रहे केंद्रीय विकास योजनाओं का निरीक्षण करते वक़्त कई खामियां उन्हें मिली. सांसद ने बताया कि पिछले 2 से 3 साल में सिर्फ देवघर जिला में लगभग 300 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की ओर से आमजनता के विकास के काम में खर्च करने के लिए राशि का आवंटन हुआ. लेकिन राज्य सरकार के अधीनस्थ अधिकारियों की मिलीभगत से 200 करोड़ की राशि का बंदरबांट कर दिया गया. इन्होंने आरोप लगाया है कि बिना काम किये और मनरेगा की गाइड लाइन का अनुपालन किये योजनाओं की राशि निकाल ली गई है. देवघर जिला में हुई 200 करोड़ रुपये की मनरेगा घोटाला की जांच के लिए उनके द्वारा सीबीआई और ed को पत्र लिखा जाएगा. इन्होंने दावा किया है कि घोटाले की जांच अवश्य सीबीआई और ed करेगी. सांसद ने बताया कि जब जांच होगी तब आईएएस पूजा सिंघल प्रकरण से भी ज्यादा का मामला सामने आएगा.
रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर
