धनबाद(DHANBAD) : धनबाद में एयरपोर्ट को लेकर खूब राजनीति हो रही है. यह "राजनीति" आज से नहीं, बहुत पहले से हो रही है, लेकिन धनबाद के लोगों को एयरपोर्ट नहीं मिल रहा है. अभी हाल ही में धनबाद के भाजपा सांसद ढुल्लू महतो ने दावा किया कि अगर राज्य सरकार एयरपोर्ट के लिए जमीन उपलब्ध करा दे, तो 6 महीने के अंदर एयरपोर्ट निर्माण का काम वह केंद्र सरकार की मदद से शुरू करा सकते हैं. इसके बाद यहां के विधायको ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है.
विधानसभा में बुधवार को गूंजा धनबाद -धनबाद
विधानसभा में बुधवार को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से विधायक का अरूप चटर्जी और विधायक मथुरा महतो ने धनबाद में एयरपोर्ट का मामला उठाया। इस सवाल के जवाब में झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण की संभावनाओं को लेकर सरकार डीसी से रिपोर्ट मांगेगी। । फिर एयरपोर्ट अथॉरिटी से पत्राचार किया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि फिलहाल धनबाद में एक हवाई पट्टी मौजूद है. लेकिन उसका क्षेत्रफल सीमित है. वर्तमान हवाई पट्टी केवल 37 एकड़ में है. जिसके कारण बड़े विमान का संचालन संभव नहीं है.
बड़े एयरपोर्ट के लिए 113 एकड़ जमीन की जरुरत होगी
एक आधुनिक और बड़े एयरपोर्ट के लिए 113 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। मंत्री ने यह भी बात कही कि धनबाद से लगभग 50 किलोमीटर दूर बोकारो का एयरपोर्ट धनबाद की जरूरत को पूरा कर सकता है. इसके जवाब में विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि धनबाद में जमीन उपलब्ध हो सकती है. बशर्ते प्रयास की जरूरत है. खैर, जो भी हो एयरपोर्ट का मामला धनबाद की राजनीति के केंद्र में है. वैसे, बोकारो में अभी भी एयरपोर्ट शुरू नहीं हुआ है. वहां भी कई कील - कांटे हैं. फिलहाल धनबाद के लोगों को दुर्गापुर अथवा रांची या फिर देवघर जाकर विमान से यात्रा करनी पड़ती है. समय का नुकसान होता है, पैसे की बर्बादी होती है. लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ती है.
मिशन एयरपोर्ट धनबाद समूह पूरी ताकत से लगा हुआ है अभियान में
उल्लेखनीय है कि मिशन एयरपोर्ट धनबाद समूह ने शहर में एयरपोर्ट का निर्माण हो, इसके लिए कई बार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। मिशन की ओर से इसके लिए अभियान बनाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है. हवाई अड्डे के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखकर इसका महत्व को बताया गया है. साथ ही बताया गया है कि धनबाद केवल कोयले का केंद्र नहीं है, बल्कि यह विकास के कई पैमानों पर खरा उतरता है. शिक्षा का हब आइआइटी आइएसएम, बीआइटी, सिंदरी और सीआइएमएफआर जैसे वैश्विक संस्थानों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की कनेक्टिविटी जरूरी है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
