रांची (RANCHI): धुर्वा से अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी के बाद अब पुलिस के सामने करीब 55 दिनों से लापता ओरमांझी के सिलदिरी निवासी मासूम कन्हैया को खोजने की बड़ी चुनौती है. इस मामले को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने शनिवार को कन्हैया के परिजनों से उनके आवास पर मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली.
मुलाकात के दौरान आदित्य साहू ने रांची के एसएसपी से फोन पर बातचीत कर कन्हैया की सुरक्षित बरामदगी के लिए सात दिनों का समय तय किया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि तय समयसीमा के भीतर बच्चा नहीं मिला तो भाजपा रांची में चक्का जाम करेगी.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में बच्चा चोर और अपहरण गिरोह सक्रिय हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में है. उन्होंने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में झारखंड से 413 बच्चे लापता हुए हैं, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. कन्हैया 22 नवंबर 2025 से लापता है.
आदित्य साहू ने राज्य की विधि-व्यवस्था को बदहाल बताते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है. उन्होंने कहा कि कन्हैया को न्याय दिलाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है.
परिजनों से मुलाकात के दौरान भाजपा अध्यक्ष ने कन्हैया के बड़े भाई के इलाज के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की. इसके साथ ही पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और खाद्य सामग्री, कंबल सहित अन्य आवश्यक राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई.
इधर, पुलिस की ओर से सफाई देते हुए डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि पुलिस पूरी गंभीरता के साथ मामले की जांच कर रही है और कार्रवाई सही दिशा में आगे बढ़ रही है. वहीं रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि अंश और अंशिका की बरामदगी के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ही कन्हैया के मामले की भी जांच कर रही है और पुलिस पूरी जिम्मेदारी के साथ प्रयासरत है.
