गढ़वा(GARHWA):गढ़वा जिले मे लगातर जंगली जानवरों का दहशत बढ़ता जा रहा है. एक वर्ष पहले लोग तेंदुवा के दहशत से परेशान थे, तो अब जिले में बाघ का दहशत देखने को मिल रहा है. जिला मुख्यालय से महज दस किलोमीटर की दुरी पर यह बाघ देखा गया है, हालांकि वन विभाग की जांच में अभ तक पुष्टि नहीं हो पाई है.
बाघ को अचानक देखते बिगड़ी ग्रामीण की हालत
आपको बताये कि गढ़वा और पलामू जिला के सीमा पर अवस्थीत बेलचम्पा गांव के टोला मे देर रात स्थानीय लोगों ने देखा की एक बड़ा सा जानवर जो बाघ के प्रवृति का है, आराम से बैठा है जिसके बाद स्थानीय की हालत ख़राब हो गई. घटना के बाद आस पास के इलाके मे भी चर्चा का विषय हो गया. लोगो के जेहन मे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर घनी आबादी के बीच यह जानवर कहां से आया. प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जानवर को देखते ही मेरी हालात ख़राब हो गई, जल्दी से आसपास के लोगो को इसकी जानकारी दिया, लेकिन तबतक बाघ वहां से भाग गया.
स्थानीय महिला ने बताया कि बाघ का अफवाह हमलोगो ने भी सुना है
वहीं स्थानीय महिला ने बताया कि बाघ का अफवाह हमलोगो ने भी सुना है, इसमे कितनी सच्चाई है जिसने देखा है वही बताएंगे, लेकिन इस बात से इनकार भी नही किया जा सकता है कि जिस तरह से हमलोग जंगल उजाड़ रहे है, स्वभाविक है जंगली जानवर इधर आ सकते है और जान माल को क्षति पंहुचा सकते है.
पढ़ें मामले में वन विभाग ने क्या कार्रवाई की
वहीं इस मामले की जानकारी मिलने के बाद सीएफ के निर्देश पर वन विभाग की एक टीम जांच करने गई, लेकिन जमीन पथरीला होने के कारण कोई पग मार्क नहीं मिल पाया. इस मामले पर फॉरेस्टर ने कहा कि कुछ दिन पहले भी एक चरवाहे ने बाघ होने की जानकरी दी थी लेकिन उस समय कुछ नहीं मिला. इस एरिया मे लकड़बग्गा है, हो सकता है वहीं हो इसके बावजूद भी हम एलर्ट मोड़ पर है.
