रांची(Ranchi): झारखंड में बोकारो, धनबाद के बाद अब रांची में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है. बीते दिनों राजधानी के करमटोली-ओल्ड जेल मोड़ के पास एक निजी कुक्कुट पालन के यहां अचानक मुर्गियों के मरने की खबर मिलते ही पशुपालन विभाग द्वारा सैंपल जांच के लिए भोपाल स्थित नेश्नल इंस्टीट्यूट हाई सिक्यूरिटी एनीमल डिजीज डायग्नोस्टिक लैब भेजा था. जहां से मुर्गियों की मौत की वजह बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद पशुपालन विभाग द्वारा रांची में अलर्ट जारी कर दिया गया. पशुपालन विभाग द्वारा रांची के डीसी को पत्र लिख कर बर्ड फ्लू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए योजना बनाने को कहा गया है.
बोकारो में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद मारी गई थी मुर्गियां
बोकारो जिले में बर्ड फ्लू को लेकर पशूपालन विभाग काफी सतर्कता बरत रहा है. पशुपालन विभाग द्वारा एक आदेश जारी किया गया था. जिसके तहत बोकारो जिला से एक किलोमीटर के दायरे में 1000 से भी अधिक मुर्गियों को मारा जा रहा था, वहीं 300 अंडे भी नष्ट किए गए थे. एक मुर्गी को मारने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा 90 रुपए का मुआवजा भी दिया जा रहा था. बता दें कि मुर्गियों को मारने के बाद गड्डें में दफनाया जा रहा है.
इन पक्षियों को बर्ड फ्लू का खतरा
यह बीमारी एवियर इन्फलूएंजा वायरस H5N1 की वजह से होती है. यह मुर्गी, टर्की, गीस, मोर और बत्तख जैसी पक्षियों को होता है. इस वायरस से संक्रमित पक्षियों की मौत तक हो सकती है. इसलिए इससे संक्रमित पक्षियों को अलग रखा जाता है और इन पर विशेष निगरानी रखी जाती है ताकि इनमें संक्रमण ज्यादा न फैलें.
इंसानों में कैसे फैलता है बर्ड फ्लू
वैसे तो बर्ड फ्लू इंसानों में आसानी से नहीं फैलता, लेकिन यदि कोई संक्रमित पक्षियों के बहुत करीब जाता है या संक्रमित पक्षियों से दूषित पानी में तैराकी करता या नहाता है, मांस या अंडे का सेवन करता है. तो इससे इंसान संक्रमण की चपेट में आ सकता है.
रिपोर्ट: आदित्य कुमार
