✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

आखिर कौन सा शौक पूरा नहीं कर पाये जगरनाथ महतो, क्यों 4 बजे सुबह घूम-घूमकर बच्चों को जगाते थे ‘टाईगर’

BY -
Samiksha Singh
Samiksha Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 14, 2026, 12:38:54 AM

रांची(RANCHI): राजनीति में सफल होने के बावजूद झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को नेताओं से पढ़ाई की डीग्री को लेकर ताना सहना पड़ता था. जगरनाथ महतो मैट्रिक (10वीं) पास थे. शिक्षा मंत्री बनने के बाद इनके शिक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर आये दिन टिप्पणी होती रहती थी. जिसके बाद लोगों को जबाव देने के लिए इंटर की पढ़ाई के लिए अपने विधानसभा क्षेत्र-डुमरी स्थित देवी महतो स्मारक इंटर महाविद्यालय नावाडीह में एडमिशन कराया था. जिसके बाद वे काफी चर्चा में थे. लेकिन परीक्षा के समय ही इनकी तबियत खराब हो गई. और इलाज  के लिए चेन्नई जाना पड़ा. जिसकी वजह से परीक्षा नहीं दे पाये थे. पढ़ाई को लेकर उनका कहना था कि पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती है. ये कभी भी शुरु की जा सकती है.

क्यों 4 बजे सुबह घूम घूमकर बच्चों को जगाते थे ‘टाईगर’

आपको एक बात जानकर हैरानी होगी की मैट्रिक और इंटर की परीक्षा के दौरान अपने विधानसभा क्षेत्र में सुबह के चार बजे घूम-घूमकर बच्चों को जगाया करते थे. ताकि बच्चे उठकर पढ़े और अपनी परीक्षा को तनावमुक्त होकर दे सके. इसके साथ ही बच्चों को शिक्षित करने के लिए उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र-डुमरी में स्कूल-कॉलेजों का निर्माण कराया. जिस इंटर महाविद्यालय में शिक्षा मंत्री ने एडमिशन लिया उसकी स्थापना भी उन्होंने खुद ही करवाई थी.

झारखंड के बच्चों की सफलता देखना चाहते थे

पढ़ाई के साथ जगरनाथ महतो को बच्चों से भी काफी लगाव था. वो चाहते थे कि झारखंड का एक भी बच्चा पैसे या किसी भी संसाधन की कमी की वजह से पढ़ाई से वंचित नहीं रहे.

रिपोर्ट: प्रियंका कुमारी 

Tags:jhrkhandranchiJagarnath Mahatojharkhand education minister

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.