गोड्डा (GODDA): एक प्रेमी जोड़ा एक साल तक लीव-इन रिलेशनशिप में रहा. वो अपना घर छोड़कर हैदराबाद में रहने लगे. जब लड़का छोड़कर फरार हो गया तो लड़की को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है. जिस लड़के ने खुद को ईसाई बताया था, जिसके प्रेम जाल में फंसकर वो पति-पत्नी की तरह साथ में रही, वो तो मुसलमान निकला. मामला जिला के आदिवासी बहूल ग्रामीण अंचल राजाभिट्ठा थाना क्षेत्र का है. खबर है कि लड़की ने दस दिनों पहले पथरगामा स्वास्थ्य केंद्र में बच्चे को जन्म दिया, अस्पताल से छुट्टी करवाकर एक भाड़े के मकान में चंद दिनों तक लड़का साथ भी रहा और फिर चार दिन पहले वो फरार हो गया.
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ऐसे हुई थी प्यार की शुरुआत
युवती के अनुसार उसके घर में एक छोटी सी किराने की दूकान थी, जहां मजबुल अंसारी अक्सर आया-जाया करता था. यहीं से दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा. एक साल पहले दोनों घर से भाग कर हैदराबाद चले गए. जहां दोनों ने आजीविका चलाने के लिए नौकरी भी की. युवती जब गर्भवती हुई तो मजबुल उसे लेकर गोड्डा जरुर आया, मगर न तो अपने घर गया, ना ही अपने ससुराल. बल्कि पथरगामा में एक किराए के मकान में रहने लगा था.

सोशल मीडिया से पुलिस को मिली मामले की जानकारी
गुरुवार को गोड्डा में सोशल मीडिया में खबरें चलने के बाद पुलिस भी रेस हुई और मजबुल अंसारी को देर रात गिरफ्तार भी किया गया. हालांकि गोड्डा एस पी नाथू सिंह मीणा ने बताया कि इस घटना की शिकायत कहीं भी थाने में नहीं की गयी थी. मीडिया के मध्यम से जानकारी मिलने के बाद कार्यवाई की गयी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
थाने नहीं पहुंचे ऐसे कई मामले
ये मामला इसलिए सुर्ख़ियों में आया क्योंकि इस मामले में युवती ने मीडिया का सहारा लिया. मगर एक कड़वा सच ये भी है कि सौ में निन्यानवे मामले न तो थाने तक पहुंचते हैं और न सभी मामले मीडिया के संज्ञान में ही आ पाते हैं. नतीजा ये होता है सभी मामले दब जाते हैं या फिर दबा दिए जाते हैं .
युवतियां बनती हैं शिकार
जिले में यूं तो अनगिनत ऐसे मामले हैं जिनमें भोली-भाली युवतियां धूर्त और मक्कार युवकों के प्रेमजाल में फंसकर अपनी जिन्दगी तबाह कर बैठी हैं और नियति मानकर जिन्दगी गुजारने को विवश हैं. और ऐसे मामले जिले के सुन्दरपहाड़ी, बोआरीजोर,राजाभिट्ठा थाना क्षेत्रों में हर गांव में एक नहीं कई-कई मामले मिल जायेंगे. मगर कानून की भी अपनी सीमायें होती हैं, जब तक मामला पुलिस तक नहीं जाता कोई कार्यवाई होती नहीं है. इतना ही नहीं जमीन वाले घर की युतियों को फंसाकर नौकरियां तक करते हुए मिल जायेंगे. मगर इस पर कार्यवाई तो तभी होगी जब शिकायत कानून के दरवाजे तक जाएगी .
रिपोर्ट: अजित सिंह, गोड्डा
