धनबाद(DHANBAD): धनबाद के सोनरडीह में तीन मौतों से कितना "पिघला" धनबाद, यह सवाल और बड़ा हो गया है. इसलिए भी बड़ा हो गया है कि इस घटना के पीछे भूमिगत आग और कोयले का अवैध उत्खनन बताया गया है. सवाल किये जा रहे हैं कि कब तक धरती फटती रहेगी और लोगों की जान जाती रहेगी। इसके अलावे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार धनबाद में संचालित बीसीसीएल की 11 कोलियारियों में इलीगल माइनिंग हॉटस्पॉट चिन्हित किये गए है. यहां सफेदपोशों की "समानान्तर सरकार" चलती है. यह रिपोर्ट किसने तैयार की है और इसे कहां भेजा गया है, इसकी तो जानकारी नहीं मिली है, लेकिन रिपोर्ट में 11 कोलियरियों के चार दर्जन से अधिक स्थानों को अवैध उत्खनन के लिए चिन्हित किया गया है.
सूची में अवैध उत्खनन के लिए चर्चित इलाके भी शामिल
इन में अवैध खनन के लिए बदनाम इलाके भी शामिल हैं. इसलिए इस पर भरोसा भी किया जा रहा है. अब एक्शन क्या होगा, कैसे एक्शन लिया जाएगा, यह अलग बात है. जिन कोलियरियों और इलाके को चिन्हित किया गया है, उनमें बरोरा , महुदा , गोविंदपुर, कतरास, सिजुआ, पुटकी, बस्ताकोला सहित अन्य एरिया शामिल हैं. तैयार रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीएल के बरोरा क्षेत्र में ओबी डंप के समीप तथा मुराईडीह बस्ती से आगे के अलावा मंडल केंदुआडी बस्ती में अवैध खनन हो रहा है. महुदा एरिया की बात की जाए तो भाटडीह बस्ती, नागदा एरिया, मुराईडीह 18 नंबर, तीन नंबर और 5 नंबर में अवैध उत्खनन हो रहा है. ब्लॉक दो की बात की जाए तो जमुनिया नदी के बगल में तथा केसरगढ़ रेलवे साइडिंग में , गोविंदपुर एरिया की बात की जाए तो आकाश किनारी बस्ती, खटाल बस्ती, सलानपुर प्रोजेक्ट, तेतुलिया सहित अन्य इलाकों में इलीगल माइनिंग चल रही है.
कतरास में कहां -कहां हो रहा अवैध उत्खनन
कतरास की बात की जाए तो आशा कोठी, डेको माइंस, कतरी नदी, कांटा पहाड़ी सहित अन्य इलाकों में अवैध माइनिंग हो रही है. सिजुआ के श्याम बाजार से ऐसी ही रिपोर्ट है. पुटकी में बोर्रागढ़ पिट तीन चानक के पास इलीगल माइनिंग हो रही है. बस्ताकोला की बात की जाए तो रजवार बस्ती के समीप, कुइयां परियोजना, घनुडीह बस्ती में इलीगल माइनिंग हो रही है. लोदना की बात की जाए तो जिनगोडा एफ पैच , जयरामपुर, कुष्ठ बस्ती में भी इलीगल माइनिंग हो रही है. ईजे एरिया की बात की जाए तो सुदाम डीह बस्ती के 6 नंबर चानक के समीप, भौरा एरिया के भूत गढ़िया तथा 6 नंबर पाथरडीह बीसीसीएल वर्कशॉप के समीप अवैध माइनिंग हो रही है. सीबी एरिया की बात की जाए तो बेगुनिया के पलासिया बस्ती के समीप जंगल में ,डीओसीपी माइंस में इलीगल माइनिंग हो रही है.
लगातार कोयल चोर और तस्कर दे रहे चुनौती
एक तरह से कहा जा सकता है कि धनबाद के कोयला चोर और तस्कर मैनेजमेंट के साथ-साथ कोयला मंत्रालय के तरकीब को भी चुनौती दे रहे हैं. बीसीसीएल के सीएमडी के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती है कि इसमें शामिल अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक को कैसे दंडित किया जाए? सीएमडी कह चुके हैं कि कोयला चोरी धनबाद के लिए कोढ़ है. इसको दूर किए बिना कंपनी की हालत नहीं सुधर सकती है. कोयला चोरों के सिंडिकेट की व्यवस्था इतनी मजबूत है कि उसे कहीं व्यवधान नहीं होता। ना कोयला कंपनियां व्यवधान पैदा करती हैं, ना सीआईएसएफ और न हीं पुलिस। यह कोयला चोर और तस्कर गुटों में बंट गए हैं और सब अपना अपना अधिकार क्षेत्र चिह्नित कर लिए हैं.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो