जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. 14 साल का एक किशोर रात भर सेफ्टी टैंक में रहा. रविवार को ग्रामीणों की नजर पड़ी तो नाबालिग को सेफ्टी टैंक से बाहर निकाला गया. सूचना पुलिस को भी दी . टैंक से सुरक्षित निकालने के बाद नाबालिग को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. वह अभी स्वास्थ्य है. मामला पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा थाना क्षेत्र के के बेलटांड़ टोला का है. नाबालिग के सुरक्षित मिलने के बाद उसके परिजनों के अलावा ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है. वह शनिवार की दोपहर से लापता था. परिजनों ने थाना में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस के अलावा परिजन भी रात भर उसकी तलाश करते रहे. लेकिन किसे पता था कि वह घर के पास ही सेफ्टी टैंक में गिरा है.
चप्पल निकालने की कोशिश में गिरा
14 साल का संदीप माझी की मानसिक स्थित ठीक नहीं है. शनिवार की दोपहर वह अपने घर से निकला था. संदीप शनिवार को घर से मुख्य सड़क की ओर जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में पड़ रहे एक निर्माणाधीन भवन के पास उसका एक चप्पल खुले सेफ्टी टैंक में गिर गया. चप्पल निकालने की कोशिश में वह खुद संतुलन खो बैठा और गहरे गड्ढे में जा गिरा. दुर्भाग्यवश, आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे उसकी आवाज किसी तक नहीं पहुंच सकी और वह पूरी रात उसी टैंक में फंसा रहा. डर के बीच किशोर ने पूरी रात किसी तरह गुजारी.
सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही
यह घटना निर्माणाधीन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी को उजागर करती है. खुले सेफ्टी टैंक और गड्ढों को बिना ढके छोड़ना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे स्थलों पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.