✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

युद्ध का साइड इफ़ेक्ट:धनबाद में चोरी के कोयले के भरोसे "चूल्हे" ,25-50 किलो वैध कोयला भी नहीं मिलता!

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: April 4, 2026, 12:50:00 PM

धनबाद(DHANBAD):कोयला नगरी धनबाद में अगर आपको 25-50 किलो जलावन कोयले की जरूरत पड़ जाए ,तो आपको कोयला चोरों  की तरफ ही ताकना होगा. यह भी अजीब बात है कि कोयलांचल में कहीं भी कोयला बेचने का कोई वैध स्थान निर्धारित नहीं किया गया है.  यह बात नहीं है कि यह  अभी की स्थिति है, बहुत पहले से ही यह  स्थिति चलती आ रही है.  बुजुर्ग बताते हैं कि दशकों  पहले जब गैस पर निर्भरता इतनी अधिक नहीं थी, तब बीसीसीएल की ओर से शहरी इलाके में कोयले के डिपो खोले  गए थे.  वहां वैध  तरीके से कोयले की खरीदारी होती थी.  लेकिन समय के साथ यह सब खत्म हो गया.  

बीसीसीएलकर्मियों को भी कोयला ले जाने की नहीं मिलती अनुमति 

लोग तो यह भी  कहते हैं कि पहले कोयलाकर्मियों को जलाने के लिए कोयला ले जाने की अनुमति थी.  लेकिन बाद में बीसीसीएल ने भी कर्मियों के लिए गैस का नियम बना दिया और नतीजा हुआ कि बीसीसीएलकर्मियों के घरों, मजदूर धौड़ो  में भी गैस जलने लगी.  पहले देखा जाता था कि कोयलाकर्मी  जब ड्यूटी ऑफ कर घर जाते थे, तो उनकी साइकिल अथवा मोटरसाइकिल में कोयल का एक ढेला  बंधा  होता था, लेकिन अब यह पुराने दिनों की बात हो गई.  अब तो अवैध उत्खनन से उत्पादित कोयल की ढुलाई  साइकिल और मोटरसाइकिल से होती है और अगर किसी को 25-50 किलो कोयले की जरूरत पड़ जाए, तो उसे इन्हीं साइकिल, मोटरसाइकिल वालों के भरोसे रहना पड़ता है. 

नौकरी -रोजगार छोड़कर गैस के लिए घंटो  लाइन में लगना पड़ रहा
 
यह  अलग बात है कि पहले भोज वगैरह में कोयले के चूल्हे जलते थे.  लेकिन यह व्यवस्था भी बंद हो गई है.  अब जब एक बार फिर गैस की किल्लत  हुई  है, लोगों को नौकरी -रोजगार छोड़कर गैस के लिए घंटो  लाइन में लगना पड़ रहा है, तो फिर एक बार कोयले का  महत्व  लोगों को समझ में आया है  और अब फिर से घरों में कोयले के चूल्हे दिखने लगे है.  छोटे-छोटे होटल और ढाबों  में भी दिखने  लगे है.  ऐसे में अचानक चोरी के कोयले का डिमांड बढ़ गया है.  वैसे भी नियम है कि जब डिमांड बढ़ेगा और सप्लाई शॉर्ट होगी, तो मूल्य बढ़  जाएगा।  यही हाल धनबाद कोयलांचल  का भी है. 

रसोई गैस की  किल्लत के बीच अवैध कोयले की कीमत बढ़ गई
 
रसोई गैस की  किल्लत के बीच अवैध कोयले की कीमत बढ़ गई है.  अब 40 किलो का एक बोरा₹400 तक में बिक रहा है.  अचानक कोयले  की मांग बढ़ने पर कोयला ढोने वाले दाम में बढ़ोतरी कर दिए है.  यह  अलग बात है कि साइकिल और मोटरसाइकिल से कोयला ढोने की सिस्टम  कभी खत्म नहीं होती।  कुछ कोयला माफिया और तस्कर इन्हीं कोयला ढोने वालों को भरोसे में लेकर एक जगह कोयला इकट्ठा करते हैं और फिर फर्जी कागजात पर उसे कहीं  भेज देते है.  कुछ उद्योग भी यही काम करते है.  वह भी मुख्य गेट से तो नहीं लेकिन चोरी का कोयला लेने के लिए बनाए गए गुप्त गेट से कोयला खरीदते  है और उद्योग चलाते हैं. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो

Tags:DhanbadJharkhandKoyallanchalKoyalaCoalBcclDhanbad NewsDhanbad UpdateGas CrysisDhanbad koyla news

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.