देवघर (DEOGHAR): AIMS देवघर ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए न्यूरोसर्जरी वार्ड की शुरुआत कर दी है. इस नई सुविधा के शुरू होने से अब झारखंड, खासकर संथाल परगना के मरीजों को मस्तिष्क, नसों और रीढ़ से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा.
नए न्यूरोसर्जरी वार्ड का उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. नितिन एम. गंगाने ने किया. इस मौके पर डीन डॉ. हरमिंदर सिंह समेत कई वरिष्ठ डॉक्टर और अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने इसे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक कदम बताया. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस अत्याधुनिक वार्ड में ब्रेन ट्यूमर, सिर की गंभीर चोट, नसों से जुड़ी समस्याएं और रीढ़ की जटिल बीमारियों का इलाज किया जाएगा. मरीजों को आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.
इस यूनिट का संचालन न्यूरोसर्जन अनिल कुमार के नेतृत्व में किया जाएगा. बताया गया कि उनकी टीम पहले भी कई जटिल न्यूरोसर्जरी सफलतापूर्वक कर चुकी है. अब तक झारखंड के मरीजों को गंभीर न्यूरोसर्जरी इलाज के लिए रांची, पटना, दिल्ली और कोलकाता जैसे बड़े शहरों का सहारा लेना पड़ता था. इससे मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ जाता था. लेकिन अब AIIMS देवघर में यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को समय पर इलाज मिलने के साथ खर्च में भी राहत मिलेगी. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि न्यूरोसर्जरी वार्ड की शुरुआत से संथाल परगना समेत आसपास के क्षेत्रों की चिकित्सा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और गंभीर मरीजों को अब बेहतर इलाज अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगा.