रांची (RANCHI): महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर राजधानी रांची स्थित पहाड़ी मंदिर में तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी क्रम में श्री शिव बारात आयोजन केंद्रीय महासमिति, पहाड़ी मंदिर मुख्य द्वार की एक अहम बैठक मंदिर परिसर में आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता समिति के संस्थापक नंद किशोर सिंह चंदेल ने की. इसमें महाशिवरात्रि के कार्यक्रमों की रूपरेखा और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष भी महाशिवरात्रि के अवसर पर 15 फरवरी को पहाड़ी मंदिर के मुख्य द्वार से सबसे पहले पारंपरिक शिव बारात निकाली जाएगी. अध्यक्ष नंद किशोर सिंह चंदेल ने बताया कि शिव बारात वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है और हर साल बड़ी संख्या में भक्त इसमें शामिल होते हैं.
इस बार शिव बारात को और आकर्षक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं. समिति ने बताया कि कानपुर से भव्य और आकर्षक झांकियां मंगाई जाएंगी. ये झांकियां शिव विवाह और पौराणिक कथाओं पर आधारित होंगी, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेंगी.
समिति की ओर से यह भी बताया गया कि 8 फरवरी को पहाड़ी मंदिर स्थित महाकाल मंदिर में पहाड़ी बाबा का मेहंदी-हल्दी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. यह कार्यक्रम दोपहर 1 बजे से शुरू होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 4 बजकर 23 मिनट से प्रारंभ होकर 16 फरवरी की शाम 5 बजकर 09 मिनट तक रहेगी. शास्त्रों में रात्रि के चारों प्रहर में शिव पूजन का विशेष महत्व बताया गया है. इसी कारण 15 फरवरी को ही महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा.
पूजा के प्रमुख मुहूर्त के अनुसार, निशिता काल पूजा 15 फरवरी की रात 11 बजकर 38 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट तक होगी. इस दौरान शिवभक्त विशेष पूजा-अर्चना कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे.
