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धनबाद सिंफर के पांच वैज्ञानिक दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों में हुए शामिल

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 17, 2026, 10:05:20 PM

धनबाद(DHANBAD)- देश की प्रतिष्ठित सीएसआईआर - सिंफर धनबाद के पांच वैज्ञानिकों को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की विश्व के शीर्ष 2 फीसदी वैज्ञानिकों की सूची में शामिल कर लिया गया है. यह सूची 19 अक्टूबर को जारी की गई है. वैज्ञानिकों में डॉ. प्रदीप कुमार सिंह निदेशक, सिंफर, डॉ. गौतम बनर्जी, मुख्य वैज्ञानिक, डॉ. पी पॉल रॉय सेवानिवृत्त उत्कृष्ट वैज्ञानिक, डॉ. अभय कुमार सिंह, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक और डॉ. आर. ई. मेस्टो, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक शामिल हैं. बता दें कि सिंफर की मदद से भारत पाकिस्तान बॉर्डर और भारत चीन की सीमा पर बीआरओ द्वारा जो सड़क निर्माण हुआ है. उसकी तकनीकी मदद सिंफर ने ही दी है. डॉ. प्रदीप कुमार सिंह व डॉ. पीपॉल रॉय का चयन खनन और धातुकर्म के अनुसंधान में विशेष योगदान के लिए किया गया है. वहीं डॉ. गौतम बनर्जी का चुनाव धातुकर्म, पदार्थ के अलावा डॉ.अभय कुमार सिंह डॉ. आरई. मेस्टो का चयन पर्यावरण इंजीनियरिंग में स्पेशल योगदान के लिए किया गया है. 

खुद भी चयनित हुए निदेशक ने अपने साथी सदस्यों को दी बधाई

संस्थान के निदेशक डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने इस उपलब्धि के लिए सिम्फर के सभी सदस्यों को बधाई दी है.  उन्होंने बताया कि स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष विश्व के हजारों वैज्ञानिकों में से शीर्ष 2 फीसदी टॉप साइंटिस्टो की सूची जारी करता है. सिंफर के पांच वैज्ञानिकों ने अपने उत्कृष्ट कार्य व अथक परिश्रम से विश्वस्तरीय सूची में अपनी जगह बनाई है. उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियां युवा वैज्ञानिकों और विद्वानों को बेहतर प्रदर्शन करने और इस संस्थान को और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रेरित करेगी.

18 अन्य जगहों पर बनेगी सिंफर के कंट्रोल्ड ब्लास्टिंग तकनीक से सड़क

पाक और चीन सीमा के अलावा, पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर में भी सिंफर के कंट्रोल्ड ब्लास्टिंग तकनीक से सड़क बनी है. अभी 18 और जगहों पर काम हो रहे हैं. जहां संस्था की मदद ली जा रही है. कोयलांचल के लिए यह बहुत ही गौरव की बात है. वहीं नवीं मुम्बई में पहाड़ तोड़कर एयरपोर्ट बनाने में तकनीकी मदद दी. कोल एनर्जी और पावर प्लांट के लिए भी विशेष तकनीक उपलब्ध कराई है. देश में कई बार राष्ट्रीय औद्योगिक पुरस्कार हासिल करने वाले सिंफर अभी अपना 75 वां वर्ष पूरे होने पर प्लेटिनम जुबली मना रहा है. देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू व प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने अपने वैज्ञानिक टीम के साथ जिस सिम्फ़र की नींव रखें आज ये विशालकाय संस्थान बन गया है. पिट वाटर को रिचार्ज कर पीने योग्य वाटर बनाने के लिए स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिम्फ़र की सराहना कर चुके हैं. सिम्फ़र के निदेशक डॉ प्रदीप कुमार सिंह का कहना कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने के नई भारत को पूरा करने के लिए यहां के वैज्ञानिक रात दिन शोध और अनुसंधान में लगे हुए हैं.

रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह, ब्यूरो चीफ, धनबाद

Tags:News

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