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सोरेन परिवार के तीसरी पीढ़ी की दुमका की धरती पर धमाकेदार इंट्री, सियासी हलचल शुरू

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 2:52:13 AM

दुमका (DUMKA) - दुर्गा सोरेन सेना नामक सामाजिक संगठन के बैनर तले झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन परिवार की तीसरी पीढ़ी जयश्री सोरेन दुमका की धरती पर धमाकेदार इंट्री की है. जय श्री सोरेन दुर्गा सोरेन सेना यानी डीएसएस की केंद्रीय अध्यक्ष हैं जो दिसोम गुरु शिबू सोरेन की पोती और स्वर्गीय दुर्गा सोरेन बेटी है. सोरेन परिवार की परंपरा के अनुरूप जयश्री सोरेन ने पोखरा चौक स्थित सिदो कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. खिजुरिया स्थित शिबू सोरेन के आवास पर प्रेसवार्ता आयोजित की गई. प्रेसवार्ता के दौरान जयश्री सोरेन ने डीएसएस के गठन के उद्देश्य पर चर्चा भी की.

पिता के सपनों को साकार करेगा बेटी का संगठन

पिता के सपनों को साकार करने के लिए बेटी ने संगठन बनाया. संगठन को सामाजिक बताया जा रहा है, लेकिन तमाम मुद्दे राजनीतिक हैं. यूं कहें कि झामुमो के तमाम मुद्दे चाहे जल जंगल जमीन की बात हो या फिर आदिवासियों को न्याय दिलाने की, बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराना हो या पलायन रोकना, शिक्षा के लिए बेहतर माहौल बनाना इन तमाम मुद्दों पर डीएसएस कार्य करेगा.

राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू

अब सवाल उठता है कि जिस तरह से शिबू सोरेन परिवार की तीसरी पीढ़ी ने जेएमएम के पैरेलल एक नया संगठन खड़ा किया है, उसके राजनीतिक मायने तो नहीं? वैसे तो जय श्री सोरेन राजनीति में आने और चुनाव लड़ने के मुद्दे से साफ इंकार कर रही हैं. लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा जोरों पर है. राजनीति के जानकारों का मानना है कि पिछले लोकसभा चुनाव में शिबू सोरेन को दुमका सीट से पराजय का मुंह देखना पड़ा था. उसके बाद उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाया गया. हेमंत सोरेन दुमका और बरहेट विधानसभा सीट से जीत दर्ज करने के बाद बरहेट विधायक के रुप में सीएम की कुर्सी पर आसीन हैं. हेमंत सोरेन द्वारा दुमका सीट छोड़ने के बाद उनके छोटे भाई बसंत सोरेन उपचुनाव में जीत दर्ज कर दुमका के विधायक बने. दुमका के जामा विधानसभा से दुर्गा सोरेन की मौत के बाद उनकी पत्नी सीता सोरेन चुनाव लड़ती हैं और विधानसभा तक पहुंचती है. वर्तमान में भी वह जामा की विधायक हैं. अब सोरेन परिवार की तीसरी पीढ़ी भी अपने दादा एवं पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना चाहती है और वर्तमान समय में उसके लिए सबसे उपयुक्त दुमका लोकसभा सीट ही माना जाएगा. वैसे भी कई बार सोशल मीडिया के माध्यम से जमा विधायक सीता सोरेन वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साध चुकी हैं.

रिपोर्ट :  पंचम झा, दुमका/अजय तिवारी, जामा

Tags:News

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